
ऋषिकेश: खदरी खड़कमाफ ग्रामसभा में पिछले तीन दिनों से भालू की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। दिल्ली फार्म क्षेत्र की गलियों में रात के समय भालू के घूमने की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें वह आबादी के बीच दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे जान-माल की सुरक्षा का खतरा बढ़ गया है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम तलाश में जुटी है, लेकिन अब तक भालू का ठिकाना नहीं मिल सका है, जिससे चिंता और बढ़ गई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पर्वतीय और वन क्षेत्रों से सटे इलाकों में जंगली जानवरों की आवाजाही नई बात नहीं है, लेकिन हाल के दिनों में आबादी वाले क्षेत्रों में उनकी बढ़ती मौजूदगी चिंता का विषय बनती जा रही है। खदरी खड़कमाफ जैसे घनी आबादी वाले गांव में भालू का लगातार दिखना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
आधिकारिक जानकारी
वन विभाग के अनुसार, भालू की तलाश के लिए टीमों को खदरी खड़कमाफ और आसपास के जंगलों में लगाया गया है। दिन के समय भालू जंगलों की ओर चला जाता है, जबकि रात में वह आबादी के पास दिखाई दे रहा है। फिलहाल वनकर्मी ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
स्थानीय / मानवीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि तीन रातों से भालू दिल्ली फार्म की गलियों में घूमता दिखाई दे रहा है। कभी सीसीटीवी कैमरों में उसकी तस्वीरें कैद होती हैं, तो कभी ग्रामीण खुद उसे रास्ते पर देखते हैं। इससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में भय बना हुआ है।
समाजसेवी शांति प्रसाद थपलियाल ने बताया कि लंबे समय बाद इस तरह भालू का आबादी में आना देखा गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में हालिया हमलों के बाद ग्रामीणों का चिंतित होना स्वाभाविक है।
सोशल मीडिया और सुरक्षा चिंता
भालू के आबादी में घूमने के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है और मवेशियों को लेकर भी डर बना हुआ है। उन्होंने वन विभाग से पुख्ता सुरक्षा इंतजाम और भालू को सुरक्षित तरीके से पकड़ने की मांग की है।
आगे क्या होगा
वन विभाग का कहना है कि भालू की मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है और जल्द उसे आबादी से दूर जंगल की ओर खदेड़ने या सुरक्षित रेस्क्यू की कार्रवाई की जाएगी। तब तक ग्रामीणों को समूह में चलने, रात में अनावश्यक बाहर न निकलने और किसी भी स्थिति में तुरंत विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई है।






