
रुद्रप्रयाग: हर वर्ष की परंपरा के अनुसार इस बार भी महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित की जाएगी। यह तिथि उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में पंचांग गणना के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और तीर्थ पुरोहितों की उपस्थिति में तय की जाती है। इधर, आगामी केदारनाथ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं, ताकि यात्रा सुचारू और सुरक्षित रूप से संचालित हो सके।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
महाशिवरात्रि के दिन केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि की घोषणा की जाती है, जिसके बाद चारधाम यात्रा की औपचारिक तैयारियां रफ्तार पकड़ लेती हैं। कपाट तिथि तय होने के साथ ही श्रद्धालुओं की आवाजाही, यात्रा मार्गों की स्थिति और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इसी क्रम में प्रशासन राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी समस्याओं और प्रभावित स्थलों पर सुधार कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि केदारनाथ यात्रा को लेकर विभिन्न हितधारकों से संवाद किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि घोड़ा-खच्चर, डंडी-कंडी संचालकों, मंदिर समिति, होटल व्यवसायियों, जनप्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक कर आवश्यक सुझाव लिए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि समय रहते तैयारियां पूरी होने से न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। लोगों ने प्रशासन की ओर से संवाद और समन्वय की पहल को सकारात्मक बताया है।
आगे क्या होगा
जिलाधिकारी के अनुसार, केदारनाथ यात्रा से पहले सड़क, पैदल मार्ग, सुरक्षा, यातायात और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। कपाट खुलने की तिथि घोषित होने के बाद यात्रा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके।







