
देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए केदारनाथ धाम के लिए संचालित होने वाली हेली सेवा में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। केदारनाथ हेली सेवा के लिए एविएशन कंपनियों का चयन अब नए सिरे से किया जाएगा। इसके लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। बीते तीन वर्षों से हेली सेवा संचालित कर रही कंपनियों के साथ किया गया अनुबंध वर्ष 2025 में समाप्त हो चुका है। चारधाम यात्रा अप्रैल और मई माह से शुरू होने की संभावना को देखते हुए समय रहते सभी औपचारिकताएं पूरी करने की तैयारी की जा रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, खासकर बुजुर्गों और अस्वस्थ यात्रियों के लिए। हर वर्ष टेंडर प्रक्रिया में लगने वाले समय को देखते हुए पहले यूकाडा ने एविएशन कंपनियों के साथ तीन साल का अनुबंध किया था। अब यह अवधि पूरी हो चुकी है, जिसके चलते एक बार फिर नई प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
आधिकारिक जानकारी
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान ने बताया कि केदारनाथ हेली सेवा के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा और चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।
पिछले वर्षों की व्यवस्था
पिछले वर्ष तक गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी हेलिपैड से विभिन्न एविएशन कंपनियों के माध्यम से हेली सेवा संचालित की गई थी। इनमें पवन हंस, आर्यन, थंबी, ट्रांस भारत, ग्लोबल विक्ट्रा, केस्ट्रल और एयरो एयरक्राफ्ट जैसी कंपनियां शामिल रहीं। इन सेवाओं के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं ने केदारनाथ धाम की यात्रा की।
स्थानीय प्रतिक्रिया
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि हेली सेवा चारधाम यात्रा का अहम हिस्सा बन चुकी है। उनका मानना है कि यदि समय रहते नई कंपनियों का चयन हो गया, तो यात्रा के दौरान अव्यवस्था से बचा जा सकेगा।
संख्या / तथ्य
केदारनाथ हेली सेवा के लिए पूर्व में तीन वर्ष का अनुबंध किया गया था। हेली सेवाएं गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी हेलिपैड से संचालित होती हैं। चारधाम यात्रा अप्रैल–मई से शुरू होने की संभावना है।
आगे क्या होगा
यूकाडा द्वारा टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एविएशन कंपनियों के साथ नया अनुबंध किया जाएगा। इसके बाद उड़ान शेड्यूल, किराया निर्धारण और सुरक्षा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुचारु हेली सेवा मिल सके।







