
केदारनाथ: मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने 22 अक्टूबर 2025 को केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए और धाम परिसर में चल रहे पुनर्निर्माण व विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और कार्य निष्पादन की समीक्षा की। 23 अक्टूबर को केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने जा रहे हैं, और मुख्य सचिव ने कपाट बंद होने के बाद भी सुरक्षा, सामग्री संरक्षण और बर्फबारी के दौरान रखरखाव के लिए पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए। साथ ही, अगले यात्रा सीजन 2026 की तैयारियां शुरू करने पर जोर दिया।
पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी प्रतीक जैन से धाम में विभिन्न चरणों में चल रहे निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों में गुणवत्ता, सौंदर्य और धार्मिक आस्था का विशेष ध्यान रखा जाए।
आनंद वर्द्धन, मुख्य सचिव, “निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और धार्मिक भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि है। कपाट बंद होने के बाद भी सुरक्षा और रखरखाव की पूरी तैयारी होनी चाहिए।”
निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुनर्निर्माण परियोजनाओं, जैसे मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं और बुनियादी ढांचे, की प्रगति की समीक्षा की।
शीतकाल के लिए निर्देश
23 अक्टूबर 2025 को सुबह 8:30 बजे बाबा केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद होंगे। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कपाट बंद होने के बाद भी धाम में सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। बर्फबारी की स्थिति में निर्माण सामग्री के संरक्षण और कार्यों के रखरखाव के लिए पहले से योजना तैयार की जाए।
अगले यात्रा सीजन की तैयारी
आनंद वर्द्धन ने जोर देकर कहा कि 2026 के चारधाम यात्रा सीजन की तैयारियां अभी से शुरू कर दी जाएं। उन्होंने बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, संचार, परिवहन, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर बल दिया।
मुख्य सचिव, “अगले साल तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए सभी व्यवस्थाओं की पूर्व योजना बनाएं। समन्वय और तैयारी से यात्रा को और सुगम बनाया जा सकता है।”
चारधाम यात्रा 2025: रिकॉर्ड तोड़ सफलता
इस वर्ष चारधाम यात्रा में 49.30 लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं, और कपाट बंद होने तक यह आंकड़ा 50 लाख को पार कर जाएगा। केदारनाथ धाम में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ देखी गई, और पुनर्निर्माण कार्यों ने यात्रियों की सुविधा को और बेहतर किया है।







