
नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या से जुड़े प्रकरण में दर्ज मुकदमों को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कई आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अवकाशकालीन न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की पीठ ने पूर्व में पारित आदेश का हवाला देते हुए याचिकाकर्ताओं को जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने सभी याचिकाओं को एक साथ सुनने और राज्य सरकार से जवाब पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह मामला 10 और 11 जनवरी की रात हल्द्वानी के काठगोदाम क्षेत्र स्थित एक होटल में काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या से जुड़ा है। आत्महत्या से पहले सुखवंत सिंह ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर जमीन से जुड़े विवाद में धोखाधड़ी और करीब चार करोड़ रुपये ठगे जाने के आरोप लगाए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई और उन्हें डराया-धमकाया गया।
किसान की मौत के बाद पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर पर 26 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान कई आरोपियों ने गिरफ्तारी से राहत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया।
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प्रशासनिक प्रतिक्रिया
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा है और सरकार इसे गंभीरता से ले रही है। फिलहाल जांच जारी है। कोर्ट ने आज की सुनवाई में जगवीर सिंह, मोहित कुमार चौहान और एक अन्य की गिरफ्तारी पर रोक लगाई। वहीं बलवंत सिंह बकसूडा के मामले में आज सुनवाई नहीं हो सकी।
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स्थानीय प्रतिक्रिया
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि मुख्य आरोपी और अन्य के संबंध में पहले ही गिरफ्तारी पर रोक लग चुकी है, उसी आधार पर उन्हें भी राहत दी जाए। उनका कहना था कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है और यह मामला दो पक्षों के बीच जमीन से जुड़ा विवाद है। यह भी कहा गया कि मामला गंभीर होने के कारण डीजीपी स्तर पर निगरानी की बात कही जा रही है और जांच एसआईटी को सौंपी गई है, हालांकि जांच अभी शुरू नहीं हुई है।
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आगे क्या होगा
हाईकोर्ट ने सभी याचिकाओं को एक साथ सुनने और राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी, जिसमें जांच की प्रगति और याचिकाओं पर आगे की कार्रवाई तय होने की संभावना है।





