
डोईवाला: जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण से प्रभावित अठूरवाला क्षेत्रवासियों का 11 नवंबर से चल रहा धरना-प्रदर्शन शुक्रवार को समाप्त हो गया। तहसील हॉल में शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और प्रदर्शनकारियों के बीच लंबी वार्ता के बाद पुनर्वास और मुआवजे से जुड़ी मांगों पर सहमति बनी। प्रशासन की ओर से ठोस आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
जौलीग्रांट एयरपोर्ट विस्तार के चलते अठूरवाला क्षेत्र में विस्थापन की आशंका से स्थानीय लोग लंबे समय से आंदोलनरत थे। ग्रामीणों की प्रमुख मांगें पुनर्वास के लिए जमीन, उचित मुआवजा और छूटे परिवारों को योजना में शामिल करने से जुड़ी थीं।
आधिकारिक जानकारी
वार्ता के बाद डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला धरना स्थल पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार जनभावनाओं के अनुरूप ही विकास कार्य आगे बढ़ाएगी। पुनर्वास के लिए जमीन के बदले जमीन, नगरपालिका क्षेत्र होने के कारण दोगुना मुआवजा, सर्किल रेट की विसंगतियों को दूर करने तथा पूर्व चिन्हिकरण से छूटे 9 परिवारों को शामिल करने पर सहमति बनी है।
स्थानीय / मानवीय आवाज़ें
अठूरवाला संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि लंबे संवाद के बाद उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन परिवारों ने भूखंड खरीदकर मकान बनाए हैं, उन्हें भी विस्थापन की श्रेणी में शामिल किए जाने से राहत मिली है।
प्रशासन का पक्ष
अपर सचिव संजय सिंह टोलिया ने बताया कि वे लगातार ग्रामीणों की भावनाओं को शासन तक पहुंचा रहे थे। एसडीएम अपर्णा ढौढ़ियाल ने कहा कि शासन-प्रशासन और जनता के बीच निरंतर संवाद से यह सार्थक निष्कर्ष निकला है।
पुनर्वास की रूपरेखा
देहरादून, डोईवाला और देहरादून सदर के उप-जिलाधिकारियों को विस्थापितों के पुनर्वास के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन के अनुसार जल्द ही उचित स्थान पर जमीन आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
आगे क्या होगा
समझौते के अनुरूप पुनर्वास भूमि की पहचान, मुआवजा निर्धारण और शेष औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा। प्रशासन ने समयबद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया है, ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द राहत मिल सके।






