
ऋषिकेश: परमार्थ निकेतन में चल रहे सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के चौथे दिन योग साधना, आध्यात्मिक ज्ञान और आंतरिक जागरूकता का अनोखा संगम देखने को मिला। दुनिया के विभिन्न देशों से आए योगाचार्यों ने योग जिज्ञासुओं को प्राचीन योग विधियों, चक्रों के विज्ञान, आयुर्वेद और नाड़ी तंत्र की गहराई से परिचित कराया।
सुबह के सत्रों की शुरुआत सूर्य उदय के साथ आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर रही। योगाचार्य सुधांशु शर्मा ने प्रतिभागियों को सनराइज चैंटिंग के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराया। वहीं योगाचार्य डॉ. इंदु शर्मा ने क्रिया योग की तकनीकों का अभ्यास करवाया, जबकि डॉ. रुचि गुलाटी ने प्राणायाम के वैज्ञानिक पहलुओं को समझाते हुए विभिन्न श्वास अभ्यास सिखाए।
योगाचार्य साध्वी आभा सरस्वती द्वारा आयोजित योग निद्रा सत्र ने प्रतिभागियों को गहन विश्राम और मानसिक संतुलन का अनुभव कराया। इस सत्र में योग जिज्ञासुओं को ध्यान के माध्यम से भीतर की शांति और आत्म जागरूकता से जोड़ने का प्रयास किया गया।
महोत्सव में अंतरराष्ट्रीय योगाचार्यों ने भी विविध सत्र आयोजित किए। जाह्नवी क्लेयर मिसिंगहैम ने विन्यास अभ्यास इनवोक द गॉडेस, किया मिलर ने चक्र इंटेलिजेंस क्रिया, और केटी बी हैप्पी ने रेवरेंस फ्लो के माध्यम से शरीर और मन के संतुलन पर आधारित योग तकनीकों का अभ्यास कराया। मारिया अलेजांद्रा अवचारियन ने आयुर्वेद की मूल अवधारणाओं और स्वस्थ जीवनशैली में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।
सियाना शर्मन ने चक्र रेडिएंस सत्र में सात चक्रों की ऊर्जा और उनके आध्यात्मिक महत्व को समझाया। वहीं टॉमी रोसेना ने कुंडलिनी एम्बॉडिमेंट स्ट्रेंथ एंड ग्रेस सत्र का संचालन करते हुए कुंडलिनी जागरण से जुड़ी साधनाओं पर मार्गदर्शन दिया।
योगाचार्य जय हरि सिंह ने क्षमा, आत्म स्वीकृति और आंतरिक जागरूकता की प्रक्रिया पर विचार साझा किए। डॉ. एन. गणेश राव ने पतंजलि योगसूत्रों की कालजयी शिक्षाओं को वर्तमान जीवन से जोड़ते हुए योग के दर्शन को समझाया।
योग और आधुनिक जीवनशैली पर विशेष चर्चा
आचार्य आशीष गिलहोत्रा ने नाड़ी योग के माध्यम से डिजिटल डिटॉक्स विषय पर सत्र लेते हुए बताया कि आधुनिक जीवन में तकनीक के अति प्रयोग से मानसिक तनाव बढ़ रहा है और योग इसके संतुलन में सहायक हो सकता है। योगाचार्य आनंद मेहरोत्रा ने श्वास को मुक्ति के मार्ग के रूप में समझाते हुए कहा कि सही श्वास अभ्यास व्यक्ति को भीतर से जागरूक बनाता है।
पाउला तापिया ने शामैनिक फ्लो सत्र का संचालन किया, जबकि एरिका कॉफमैन ने सेक्रेड साउंड हीलिंग के साथ ध्यान और मूवमेंट का अनूठा अनुभव कराया।
स्वास्थ्य, नींद और दीर्घायु पर विशेषज्ञों की राय
महोत्सव में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए। डॉ. संजय मंचन्दा ने मस्तिष्क, स्वास्थ्य और समाधि की अवस्थाओं के संबंध पर चर्चा की। वहीं डॉ. एवी राजू, डॉ. पद्मा नायनी गधिराजू और डॉ. ईडन गोल्डमैन ने स्वस्थ जीवनशैली, बेहतर नींद और दीर्घायु के वैज्ञानिक पहलुओं पर जानकारी दी।
डॉ. कृष्णा पंकज ने मर्म शक्ति के प्राचीन रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शरीर के ऊर्जा बिंदुओं का संतुलन स्वास्थ्य और उपचार की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
शाम को गंगा तट पर आयोजित भव्य गंगा आरती ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसके बाद जैमिंग बैंड कार्यक्रम में भाई-बहन की जोड़ी राघव और प्राची ने संगीत की मनमोहक प्रस्तुति देकर योग जिज्ञासुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।






