
देहरादून: रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ी एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। थानो क्षेत्र में इंपीरियल वैली प्रोजेक्ट पर काम कर रहे बिल्डर शाश्वत गर्ग और उनकी पत्नी साक्षी गर्ग अपने परिवार समेत संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। घटना के बाद शहर के बिल्डर, प्रॉपर्टी डीलर और निवेशकों में हड़कंप मचा है। वहीं, हापुड़ पुलिस में साक्षी गर्ग के भाई ने अनहोनी की आशंका जताते हुए तहरीर दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पिछले कुछ वर्षों से देहरादून में रियल एस्टेट सेक्टर में धोखाधड़ी और फरारी के कई मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले पुष्पांजलि इंफ्राटेक के निदेशक दीपक मित्तल और उनकी पत्नी राखी मित्तल वर्ष 2020 से फरार हैं। अब इंपीरियल वैली परियोजना से जुड़े बिल्डर दंपती के लापता होने की खबर ने एक बार फिर शहर के निवेशकों को चिंता में डाल दिया है।
घटना का विवरण
जानकारी के मुताबिक, शाश्वत गर्ग और साक्षी गर्ग अपने बेटे रिद्वान गर्ग, पिता प्रवीन गर्ग और मां अंजली गर्ग के साथ 16 अक्टूबर की रात हापुड़ स्थित अपने निवास विवेक विहार, राधापुरी पहुंचे थे। अगले दिन यानी 17 अक्टूबर दोपहर करीब तीन बजे उन्होंने कहा कि वे देहरादून लौट रहे हैं। लेकिन उसके बाद से वे सभी लापता हैं और अब तक उनका कोई पता नहीं चल सका है।
साक्षी के भाई सुलभ गोयल ने हापुड़ कोतवाली में तहरीर दर्ज कराते हुए बताया कि परिवार हर साल दीपावली पर बदरीनाथ और केदारनाथ दर्शन को जाता है, लेकिन इस बार वे वहां भी नहीं पहुंचे। सभी के मोबाइल फोन बंद हैं और दोनों गाड़ियां — हुंडई क्रेटा (UK07-FK-0018) और हुंडई ट्यूसॉन (UK07-FL-9369) — का भी कोई पता नहीं चल रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि हापुड़ पुलिस से सूचना मिलते ही स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को जांच का जिम्मा सौंपा गया है।
“लापता परिवार की लोकेशन, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और वाहनों के फास्टैग डाटा की जांच की जा रही है। कोशिश है कि दोनों वाहनों की आखिरी लोकेशन और टोल-प्लाजा की मूवमेंट का पता लगाया जाए।”
पुलिस टीम ने इंटर-स्टेट समन्वय के तहत उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में जांच तेज कर दी है।
निवेशकों में हड़कंप
शाश्वत गर्ग की इंपीरियल वैली परियोजना में करोड़ों रुपये का निवेश हुआ है। निवेशकों को अब अपनी राशि को लेकर चिंता सताने लगी है। कई लोगों ने कहा कि प्रोजेक्ट में जमीन और प्लॉट के नाम पर भुगतान किया गया था, लेकिन काम अधूरा रह गया है।
एक निवेशक ने बताया —
“हमने इंपीरियल वैली में प्लॉट खरीदा था। अब बिल्डर परिवार के लापता होने से हम सब असमंजस में हैं।”
पुष्पांजलि इंफ्राटेक का मामला अब भी अधूरा
देहरादून पुलिस और ईडी के लिए दीपक मित्तल और राखी मित्तल अब भी चुनौती बने हुए हैं। मित्तल दंपती पर लगभग 45 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और 21 करोड़ रुपये के बैंक लोन डिफॉल्ट का आरोप है। वे सहस्रधारा रोड स्थित आर्किड पार्क प्रोजेक्ट से जुड़े हैं। मित्तल दंपती पर 90 फ्लैट खरीदारों से रकम हड़पने का आरोप है, जबकि पीएनबी का ऋण भी एनपीए हो चुका है। एसटीएफ, एसआईटी और ईडी सभी एजेंसियां उनकी तलाश में हैं, लेकिन वे अब तक फरार हैं।
पुलिस और एजेंसियों की चुनौतियां
लगातार बढ़ते रियल एस्टेट फ्रॉड मामलों से जांच एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है। पुलिस का कहना है कि बिल्डर फरारी के बाद अकाउंट्स, संपत्ति और लोकेशन बदल लेते हैं, जिससे ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है। फिलहाल एसओजी और साइबर सेल टीम सभी एंगल से जांच कर रही हैं।






