
हरिद्वार — हरिद्वार के बीएचईएल क्षेत्र में जंगली हाथी के आबादी में घुसने और महिला पर आक्रामक होने का वीडियो सामने आने से इलाके में दहशत फैल गई। जंगल से निकलकर रिहायशी क्षेत्र में पहुंचे हाथी को देखकर लोग वीडियो बनाने लगे, जिससे हाथी और अधिक उग्र हो गया और सड़क से गुजर रही एक महिला की ओर दौड़ पड़ा। महिला ने भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस घटना ने हरिद्वार में बढ़ते मानव–हाथी संघर्ष की गंभीरता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हरिद्वार के बीएचईएल क्षेत्र, बिल्केश्वर कॉलोनी और ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया में जंगली हाथियों की आवाजाही पिछले कुछ समय से लगातार बनी हुई है। पहले जहां हाथियों के आबादी में आने के मामले कम नुकसान के साथ समाप्त हो जाते थे, वहीं हाल के एक महीने में स्थिति ज्यादा गंभीर होती दिख रही है।
आधिकारिक जानकारी
वन विभाग के अनुसार, बीएचईएल क्षेत्र के बाद जगजीतपुर इलाके में भी जंगली हाथियों का एक झुंड सक्रिय है। रविवार को तीन जंगली हाथी जगजीतपुर पुलिया के पास स्थित एक निजी स्कूल के नजदीक पहुंच गए, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथियों की लगातार आवाजाही से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
निवासियों ने बताया कि रात के समय हाथियों के डर से घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
नुकसान और स्थिति
बीते एक महीने में जंगली हाथियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचाया है। इसके साथ ही बिल्केश्वर कॉलोनी में एक मकान को तोड़ दिया गया और एक बाइक को क्षतिग्रस्त किया गया। राजा गार्डन कॉलोनी में खड़ी एक कार में भी हाथियों द्वारा तोड़फोड़ किए जाने की घटना सामने आ चुकी है।
आगे क्या?
वन विभाग हाथियों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रहा है। डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि बैरागी कैंप से अजीतपुर गांव तक एलीफेंट प्रूफ ट्रेंच बनाई जाएगी और इसके समानांतर सोलर फेंसिंग भी लगाई जाएगी। योजना का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। अनुमति मिलने के बाद कार्य शुरू किया जाएगा। उनका कहना है कि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद 2027 अर्धकुंभ मेले के दौरान हाथियों की मूवमेंट से किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।





