
हरिद्वार: पथरी क्षेत्र के रणसुरा गांव के पास शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शिकार की तलाश में जंगल से निकला एक गुलदार खेतों में घुस आया और पेड़ की टहनियों में फंस गया। कुत्ते के शिकार की कोशिश में गुलदार ने एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर छलांग लगाई, लेकिन पोपलर के पेड़ की शाखाओं के बीच उसका पिछला पैर फंस गया। गुलदार को पेड़ पर फंसा देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही वन विभाग और पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची और घंटों चले रेस्क्यू अभियान के बाद गुलदार को सुरक्षित निकालकर चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हरिद्वार के ग्रामीण इलाकों में जंगल से सटे क्षेत्रों में गुलदार की आवाजाही की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। भोजन की तलाश में वन्यजीव अक्सर खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति बन जाती है। पथरी क्षेत्र भी वन सीमा से सटा होने के कारण संवेदनशील माना जाता है।
आधिकारिक जानकारी
सूचना मिलने पर रेंज अधिकारी शिशपाल सिंह वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वरिष्ठ पशु चिकित्सक अधिकारी डॉ. अमित ध्यानी और एसडीओ हरिद्वार पूनम कैंथोला के साथ बचाव दल ने गुलदार को पेड़ पर ही बेहोश किया। इसके बाद पेड़ को सावधानीपूर्वक काटकर गिराया गया और फंदे में फंसे गुलदार को सुरक्षित बाहर निकाला गया। डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि गुलदार के पिछले पंजे में फंदे से चोट लगी है और उपचार के लिए उसे चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि खेतों में अचानक गुलदार दिखने से गांव में भय का माहौल बन गया था। कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए थे और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया। ग्रामीणों ने वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
संख्याएं / तथ्य
रेस्क्यू अभियान दोपहर से शुरू होकर शाम करीब साढ़े पांच बजे तक चला। गुलदार का पिछला पैर पोपलर के पेड़ की शाखाओं में फंसा हुआ था, जिससे उसे चोट भी आई है।
आगे क्या होगा
रेस्क्यू सेंटर में गुलदार का उपचार किया जा रहा है। स्वस्थ होने के बाद चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़े जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। वन विभाग की ओर से आसपास के गांवों में सतर्कता बरतने की अपील भी की गई है।







