
हरिद्वार: कुंभ मेला 2027 के लिए हरिद्वार में एक अस्थायी शहर बसाया जाएगा, जिसमें थाने, अस्पताल, कन्वेंशन हॉल, और सार्वजनिक आवास सहित सभी सुविधाएं होंगी। उत्तराखंड सरकार ने इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजा है। 25,000 श्रद्धालुओं की क्षमता वाले आवास, 161.18 करोड़ रुपये के स्वच्छता बजट, और 582 मीट्रिक टन कचरा प्रबंधन की योजना बनाई गई है। कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की चुनौती को भी ध्यान में रखा गया है।
अस्थायी शहर की योजना
- क्षेत्रफल: 500 हेक्टेयर में फैला अस्थायी शहर।
- सुविधाएं:
- 1,000 क्षमता का कन्वेंशन हॉल।
- 10 सार्वजनिक आवास परिसर (25,000 श्रद्धालुओं की क्षमता)।
- 150 कैंप मेला सर्किट हाउस में।
- थाने, अस्पताल, प्रशासनिक भवन, धार्मिक संस्थानों के कार्यालय, और सूचना केंद्र।
- उद्देश्य: श्रद्धालुओं को ठहरने, सूचना, और अन्य सुविधाओं में कोई असुविधा न हो।
स्वच्छता के लिए व्यापक योजना
- कचरा प्रबंधन:
- सामान्य दिनों में: 280 मीट्रिक टन/दिन।
- कुंभ के दौरान अनुमान: 582 मीट्रिक टन/दिन।
- बजट: 161.18 करोड़ रुपये।
- उपकरण और संसाधन:
- 10 कंप्रेसर वाहन, 50 टिपर, 75 ई-रिक्शा।
- 6 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट शौचालय अपशिष्ट निपटान के लिए।
- शौचालय वाहन, डस्टबिन, ट्रैश बूम इंटरसेप्टर, रिफ्यूज कंप्रेसर, फॉगिंग मशीनें, और घाट सफाई मशीनें।
- मानव संसाधन: स्वच्छता के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती।
कुंभ मेला सचिव नितेश झा ने कहा:
“कुंभ में स्वच्छता सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए अलग से बजट और व्यापक संसाधनों का प्रस्ताव रखा गया है।”
सामाजिक और प्रशासनिक प्रभाव
- श्रद्धालु सुविधा: अस्थायी शहर से कल्पवासियों और अन्य श्रद्धालुओं को ठहरने और अन्य सुविधाएं मिलेंगी।
- स्वच्छता पर जोर: कचरा प्रबंधन और शौचालय सुविधाओं से हरिद्वार की स्वच्छता बेहतर होगी।
- प्रशासनिक तैयारी: केंद्र और राज्य सरकार की साझेदारी से कुंभ की तैयारी को मजबूत किया जा रहा है।







