
हरिद्वार: हरिद्वार में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पथरी क्षेत्र के जंगलों और गन्ने के खेतों से करीब एक हजार किलो कच्ची शराब बनाने का लहन बरामद कर मौके पर ही नष्ट कर दिया। इस दौरान 46 लीटर कच्ची शराब और ज्वालापुर क्षेत्र से 67 पव्वे अंग्रेजी शराब भी जब्त की गई। कार्रवाई में दो शराब तस्करों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए गए। अभियान के बाद से क्षेत्र में अवैध शराब कारोबारियों में खलबली मची हुई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हरिद्वार में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। जंगलों और खेतों में छिपाकर कच्ची शराब बनाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। त्योहारों और विशेष अवसरों से पहले ऐसे कारोबार में तेजी आने की आशंका को देखते हुए आबकारी विभाग ने सघन अभियान चलाया।
आधिकारिक जानकारी
आबकारी निरीक्षक दर्शन सिंह चौहान के नेतृत्व में पथरी क्षेत्र में छापेमारी की गई। डांडी चौक के पास चेकिंग के दौरान एक बाइक से 46 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई और आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया गया। ज्वालापुर के सुभाषनगर क्षेत्र से 67 पव्वे अंग्रेजी शराब भी जब्त कर एक अलग मुकदमा दर्ज किया गया।
जिला आबकारी अधिकारी कैलाश चंद्र बिंजोला के निर्देश पर पथरी क्षेत्र के खेतों और दीनारपुर गांव से सटे जंगल में भी कार्रवाई की गई, जहां अलग-अलग स्थानों से लगभग एक हजार किलो लहन बरामद हुआ।
कार्रवाई का विवरण
आबकारी विभाग की टीम ने पाया कि शराब तस्करों ने प्लास्टिक ड्रमों और पॉलीथीन में लहन भरकर जंगल और खेतों में छिपाया था। एक भट्टी से पांच लीटर कच्ची शराब भी बरामद की गई। बरामद समस्त लहन को टीम ने मौके पर ही नष्ट कर दिया, ताकि दोबारा उसका उपयोग न हो सके।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध शराब के कारण क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियां बढ़ रही थीं। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई से लोगों ने राहत की सांस ली है और उम्मीद जताई है कि ऐसे अभियान लगातार चलते रहें, ताकि अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लग सके।
आगे क्या होगा
जिला आबकारी अधिकारी के अनुसार अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाएंगी और अवैध शराब बनाने व बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






