
हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार वन डिवीजन में एक और हाथी की मौत हो गई है। यह चौथा हाथी है जो पिछले एक महीने में इस डिवीजन में मरा है। गंभीर बात यह है कि युवा हाथी की मौत करंट लगने से हुई है, जो वन्यजीव संरक्षण के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। घटना के एक दिन पहले ही वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) ने देश में पहली बार हाथियों की डीएनए आधारित गणना रिपोर्ट जारी की थी, जिसके 24 घंटे के अंदर यह दुखद खबर सामने आई।
गणना रिपोर्ट के ठीक बाद हाथी की मौत
वन विभाग और WII की टीम हाथियों की संख्या पर गर्व महसूस कर रही थी, लेकिन हरिद्वार रेंज के बहादराबाद क्षेत्र से बुरी खबर ने सबको स्तब्ध कर दिया। करीब 45 वर्षीय युवा हाथी की मौत बिजली के खंभे की सपोर्टिव तार से संपर्क में आने के कारण हुई। पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ आरके मिश्रा ने ईटीवी भारत को बताया, “हाथी बिजली के खंभे में लगी सपोर्टिव तार से टकराया, जिससे खंभा झुक गया और वायर के संपर्क में आने से उसकी मौत हो गई।”
यह घटना 26 सितंबर से अब तक डिवीजन में चौथा हाथी मौत का मामला है। इसमें से दूसरा हाथी है जिसकी मौत करंट लगने से मानी जा रही है।
वन विभाग की कार्रवाई: गश्त बढ़ाने और पत्र लिखने के निर्देश
पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ आरके मिश्रा ने हरिद्वार डिवीजन के डीएफओ को गश्त बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए हैं। साथ ही, कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट राजीव धीमान को बिजली विभाग को पत्र लिखने और सख्ती बरतने का आदेश दिया गया है। मिश्रा ने कहा, “वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार बनाना होगा।”
डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि भू-धंसाव के कारण खंभा झुक गया था, जिससे हाथी वायर के संपर्क में आ गया। उन्होंने कहा, “बिजली विभाग की ओर से समय पर मरम्मत न होने के कारण यह दुर्घटना हुई। संयुक्त जांच के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी।”
बिना अनुमति तारें लगाने वालों पर कार्रवाई
वन विभाग ने बिजली विभाग को पत्र लिखकर बिना अनुमति खेतों में तारें लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वन क्षेत्रों में बिजली खंभों की सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण वन्यजीवों को खतरा बना रहता है। विभाग ने नियमित जांच और सुरक्षा उपायों पर जोर दिया है।
पोस्टमॉर्टम और जांच
हाथी के पोस्टमॉर्टम की तैयारी चल रही है। विसरा को लैब भेजा जाएगा ताकि मौत के सटीक कारण का पता लग सके। घटना के बाद पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ, कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट शिवालिक, और डीएफओ ने मौके का मुआयना किया।
वन्यजीव संरक्षण पर सवाल
हरिद्वार डिवीजन में लगातार हाथियों की मौत ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डीएनए गणना रिपोर्ट के ठीक बाद यह घटना वन्यजीव संरक्षण की चुनौतियों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली विभाग और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है ताकि ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।





