
हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में साइबर ठगों ने शेयर मार्केट में जल्दी मुनाफे का लालच देकर ज्वालापुर निवासी अनूप कपूर से 50.40 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने वाट्सएप ग्रुप, फर्जी ऐप, और इंस्टीट्यूशनल स्टॉक की ट्रेनिंग के नाम पर पीड़ित को झांसे में लिया। ठगी का एहसास होने पर अनूप ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज की। यह मामला उत्तराखंड में बढ़ते साइबर अपराधों की गंभीरता को दर्शाता है।
ठगी का तरीका
अनूप कपूर ने बताया कि 12 अगस्त 2025 को साक्षी गुप्ता नाम की एक महिला ने वाट्सएप के जरिए उनसे संपर्क किया। उसने दावा किया कि शेयर मार्केट में 5-10% मुनाफा देने वाला एक खास फंडा सिखाया जाएगा। अनूप को एक वाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां प्रोफेसर जितेंद्र नाम के व्यक्ति ने शेयर मार्केट की ट्रेनिंग दी।
ग्रुप में इंस्टीट्यूशनल स्टॉक का जिक्र किया गया, जिसमें रोजाना दोपहर 2:30 बजे एक स्टॉक खरीदने और बाद में बेचने पर 10-20% मुनाफा का दावा किया गया। इसके लिए अनूप को 2 सितंबर को एक लिंक भेजकर हाई नेट वर्थ अकाउंट खोलने के लिए एक ऐप डाउनलोड करवाया गया।
ठगी का जाल
3 सितंबर से 15 सितंबर तक अनूप ने प्रतिदिन निवेश किया। ऐप में उनकी रकम 30 लाख से बढ़कर 45 लाख रुपये दिखाई गई, जिसमें 15 लाख का मुनाफा दिखाया गया। ठगों ने उनसे कहा कि अकाउंट बैलेंस को 50 लाख से 1 करोड़ के बीच रखना होगा। अनूप ने पहले 30 लाख जमा किए थे, और फिर 20.40 लाख रुपये और जमा कर दिए। कुल 50.40 लाख रुपये जमा करने के बाद ऐप में 72 लाख रुपये का बैलेंस दिखाया गया, लेकिन वे इसे निकाल नहीं सके।
जब ठगों ने और रकम मांगी, तो अनूप को ठगी का शक हुआ। उन्होंने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज की। 2024 की एक पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड में साइबर ठगी के मामले पिछले साल 25% बढ़े हैं, जिनमें शेयर मार्केट स्कैम प्रमुख हैं।
साइबर ठगी का पैटर्न
साइबर क्राइम विशेषज्ञ के अनुसार, ठग वाट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को फर्जी ग्रुप में जोड़ते हैं। वे फर्जी ऐप्स और आकर्षक मुनाफे का लालच देकर पैसे जमा करवाते हैं। हरिद्वार पुलिस ने बताया कि इस मामले में जांच शुरू हो गई है, और संदिग्ध लिंक और अकाउंट की डिटेल्स खंगाली जा रही हैं।
स्थानीय निवासी रमेश शर्मा ने कहा, “ऐसे स्कैम से बचने के लिए लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। शेयर मार्केट में निवेश से पहले पूरी जांच जरूरी है।”
पुलिस और जनता को सलाह
हरिद्वार साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि:
- अज्ञात लिंक्स पर क्लिक न करें और फर्जी ऐप्स डाउनलोड करने से बचें।
- निवेश से पहले कंपनी की साख और सेबी (SEBI) पंजीकरण जांच लें।
- संदिग्ध कॉल या मैसेज की सूचना तुरंत 1930 पर या नजदीकी साइबर थाने में दें।






