
हरिद्वार: हरिद्वार के चिड़ियापुर स्थित रेस्क्यू सेंटर में एक गुलदार की मौत से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। गुरुवार सुबह अचानक गुलदार की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू सेंटर के अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। गुलदार के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की तैयारी की जा रही है, ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
जानकारी के अनुसार गुलदार को फरवरी माह में जंगल से रेस्क्यू कर चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर लाया गया था। चिड़ियापुर रेंज में गुलदारों के आपसी संघर्ष के दौरान उसे गंभीर चोटें आई थीं। दोनों आंखों में गहरी चोट लगने के कारण वह बुरी तरह घायल हो गया था और जंगल में पड़ा हुआ मिला था। गश्त कर रही वन विभाग की टीम ने उसे घायल अवस्था में देखा और छह फरवरी को उपचार के लिए रेस्क्यू सेंटर पहुंचाया गया था।
आधिकारिक जानकारी
डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि रेस्क्यू सेंटर में इलाज के दौरान गुलदार की मृत्यु हुई है। उन्होंने कहा कि गुलदार की उम्र करीब सात से आठ वर्ष के बीच आंकी गई है और उसकी दोनों आंखों में गंभीर चोटें थीं। मौत के कारणों की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
उपचार की स्थिति
रेस्क्यू सेंटर में गुलदार का लगातार इलाज किया जा रहा था, लेकिन बीते कई दिनों से उसकी सेहत में सुधार नहीं हो पा रहा था। गुरुवार सुबह अचानक उसकी हालत और बिगड़ गई, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि घायल वन्यजीवों के उपचार और निगरानी को और मजबूत किए जाने की जरूरत है, ताकि ऐसे मामलों में समय रहते बेहतर परिणाम सामने आ सकें।
आगे क्या होगा
वन विभाग ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो उसके अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मामले की जांच जारी है।






