
देहरादून: राज्य में किसानों से जुड़े भूमि रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में राजस्व परिषद ने बड़ा कदम उठाया है। परिषद ने जिला प्रशासन को हर गांव में फार्मर रजिस्ट्री बनाने का कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए गांव स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे, जिनके संचालन के लिए राजस्व परिषद के माध्यम से प्रति शिविर 15 हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहल किसानों की जमीन से जुड़े विवरण, अंश निर्धारण और सरकारी योजनाओं के लाभ को एक ही प्लेटफॉर्म पर दर्ज करने के उद्देश्य से की जा रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
वर्तमान में किसानों को मिलने वाली खतौनी में यह स्पष्ट नहीं होता कि किसी भूमि में उनका अंश कितना है। इसी कमी को दूर करने के लिए राजस्व विभाग ने अब अंश निर्धारण खतौनी तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है। अंश निर्धारण पूरा होने के बाद आगे फार्मर रजिस्ट्री बनाने की योजना पर काम किया जाएगा, जिससे भूमि संबंधी विवादों और भ्रम की स्थिति को कम किया जा सके।
आधिकारिक जानकारी
राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फार्मर रजिस्ट्री के लिए गांवों में लगाए जाने वाले प्रत्येक शिविर के लिए 15 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। सचिव राजस्व परिषद रंजना राजगुरु ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री को लेकर जिला प्रशासन के साथ बैठक हो चुकी है और सभी जिलों को कार्य शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। इस प्रक्रिया में राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त भूमिका रहेगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
किसानों का कहना है कि यदि उनकी जमीन और अंश का सही विवरण एक ही रजिस्टर में दर्ज हो जाएगा तो भविष्य में विवाद कम होंगे। कुछ किसानों ने यह भी बताया कि गांव में शिविर लगने से उन्हें कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रक्रिया मौके पर ही पूरी हो सकेगी।
आंकड़े / डेटा
प्रस्तावित फार्मर रजिस्ट्री में प्रत्येक खातेदार और सहखातेदार की यूनिक आईडी होगी। इसमें किसान का नाम, राज्य में उसके पास मौजूद भूमि का पूरा विवरण, किसान क्रेडिट कार्ड की स्थिति और उसे किन-किन योजनाओं का लाभ मिल रहा है, यह सभी जानकारियां दर्ज की जाएंगी।
आगे क्या होगा
राजस्व विभाग की ओर से अंश निर्धारण खतौनी के काम की रोजाना रिपोर्ट ली जा रही है और उसकी समीक्षा की जा रही है। वहीं फार्मर रजिस्ट्री के लिए साप्ताहिक समीक्षा का लक्ष्य तय किया गया है, ताकि कार्य में तेजी लाई जा सके और योजना को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।







