
हल्द्वानी (नैनीताल): हल्द्वानी में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत किए गए औचक निरीक्षण में हीरा नगर स्थित सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर पर गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं, जहाँ रेडियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति के बावजूद 26 मरीजों के अल्ट्रासाउंड पर्चे काटे गए। प्रशासन ने अल्ट्रासाउंड कक्ष को सील कर केंद्र से स्पष्टीकरण मांगा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
प्रसव पूर्व भ्रूण लिंग जांच पर रोक लगाने और स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत समय-समय पर निरीक्षण किए जाते हैं। हल्द्वानी में बढ़ती अल्ट्रासाउंड केंद्रों की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने औचक अभियान चलाया, ताकि लापरवाही या अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
अधिकारिक जानकारी
जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर निरीक्षण टीम में सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान, एसीएमओ डॉ. स्वेता भंडारी, ललित ढोंडियाल और जगदीश चंद्र शामिल थे। टीम ने दो केंद्रों—मुखानी स्थित राघव पैथ लेब और हीरा नगर स्थित सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर का निरीक्षण किया।
सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर में टीम को सबसे बड़ी अनियमितता यह मिली कि रेडियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति के बावजूद 26 मरीजों के अल्ट्रासाउंड पर्चे काटे गए थे। इसके अलावा एएनसी रजिस्टर, फॉर्म–F पर रेडियोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर नहीं मिले और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग मांगे जाने पर स्टाफ ने कैमरा खराब होने की जानकारी दी।
निरीक्षण टीम ने इन लापरवाहियों को गंभीर मानते हुए अल्ट्रासाउंड कक्ष को मौके पर ही ताला लगाकर सील कर दिया। कक्ष की चाबी प्रशासन ने अपने पास रख ली है। केंद्र को तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं मुखानी स्थित राघव पैथ लेब की जांच में दस्तावेज और व्यवस्थाएँ संतोषजनक पाई गईं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अल्ट्रासाउंड केंद्रों में मानकों का पालन न होना स्वास्थ्य सेवाओं के लिए खतरा है।
एक निवासी ने कहा, “रेडियोलॉजिस्ट के बिना अल्ट्रासाउंड होना सीधे कानून का उल्लंघन है, प्रशासन की कार्रवाई बिल्कुल सही है।”
विशेषज्ञ टिप्पणी
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, बिना प्रशिक्षित रेडियोलॉजिस्ट के अल्ट्रासाउंड करना न केवल अवैध है, बल्कि यह मरीजों की सेहत के लिए भी जोखिमपूर्ण हो सकता है।
आगे क्या
प्रशासन आने वाले दिनों में अन्य डायग्नोस्टिक केंद्रों पर भी निरीक्षण जारी रख सकता है। सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर को दिए गए नोटिस के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।






