
हल्द्वानी में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में 25 नवंबर से 1 दिसंबर तक चल रहे सहकारिता मेले में विभागीय लापरवाही सामने आई है। सबसे अधिक भीड़ के समय कई स्टाल बंद मिले, जिससे आम जनता को सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पाई। मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में सहकारिता मेले आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाना है। इसके लिए कृषि, उद्यान, उद्योग, पर्यटन और अन्य विभागों को स्टाल लगाने और कर्मचारियों को नियुक्त करने की जिम्मेदारी दी गई है। हल्द्वानी में मेला एमबी ग्राउंड में आयोजित हो रहा है, जहां हजारों लोग रोज पहुंच रहे हैं।
अधिकारिक जानकारी
जिलाधिकारी नैनीताल ने मेले में अव्यवस्था की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्टालों पर नियत समय तक कर्मचारी अनिवार्य रूप से मौजूद रहें। अधिकारियों का कहना है कि निर्देशों का पालन न करने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी और मेले की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
मेले में पहुंचे लोगों का कहना है कि जिस समय भीड़ सबसे अधिक होती है, उसी समय कई सरकारी स्टाल खाली मिलते हैं।
एक आगंतुक ने कहा, “हम योजनाओं की जानकारी लेने आए थे, लेकिन कई स्टाल बंद थे। इससे मेले का उद्देश्य ही पूरा नहीं हो पा रहा।”
स्थानीय व्यापारियों का यह भी कहना है कि कर्मचारियों की गैर–हाजिरी से मेले की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है, जबकि उद्घाटन के समय बड़ी तैयारी दिखाई गई थी।
स्टालों के समय पर बंद होने का आरोप
25 नवंबर को सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत और सांसद अजय भट्ट की मौजूदगी में मेले का उद्घाटन हुआ, और 26 नवंबर को मुख्यमंत्री भी मेला देखने पहुंचे। बावजूद इसके, शाम के समय जब लोग बड़ी संख्या में मेला देखने आते हैं, कई कर्मचारी अपने स्टाल बंद कर घर लौट जाते हैं।
यह स्थिति कई दिनों से देखी जा रही है, जिससे आम जनता को सरकारी योजनाओं की सही जानकारी नहीं मिल पा रही।
मेला: क्या-क्या है खास
मेले में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के स्टाल, व्यापारिक स्टाल, फूड कोर्ट, झूले, बोटिंग और बच्चों के लिए मनोरंजन गतिविधियाँ शामिल हैं। 1 दिसंबर तक चलने वाले इस मेले में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
आगे क्या होगा
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अब सभी विभागों को अपने स्टालों पर निर्धारित समय तक उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी। अधिकारियों को भी नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को योजनाओं की जानकारी बेहतर तरीके से उपलब्ध कराई जा सके।







