
हल्द्वानी के हीरानगर वार्ड संख्या-17 में शनिवार को अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम पर कब्जाधारक पक्ष के लोगों ने पथराव कर दिया। पथराव में निगम की जेसीबी मशीन का अगला शीशा टूट गया, जिसके बाद कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और सुरक्षा कारणों से अभियान रोकना पड़ा। प्रशासन ने घटना को गंभीर मानते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हल्द्वानी शहर में कई दिनों से अतिक्रमण हटाने का अभियान चल रहा है, ताकि सड़क चौड़ीकरण और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जा सके। हीरानगर वार्ड संख्या-17 के मुखानी चौराहे से क्रियाशाला रोड तक भी ऐसी ही कार्रवाई निर्धारित थी। यह क्षेत्र लंबे समय से अवैध निर्माण और कब्जों को लेकर विवादों में रहा है।
आधिकारिक जानकारी
प्रशासन के अनुसार, टीम के पहुंचते ही कब्जाधारक पक्ष के कुछ लोगों ने पहले बहसबाजी की, जो जल्द ही नोकझोंक और फिर पथराव में बदल गई। पथराव से जेसीबी मशीन का शीशा टूट गया, हालांकि चालक और अन्य कर्मचारी समय रहते बच गए। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली हल्द्वानी और मुखानी थाने से पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रित कर लिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालना, पथराव करना और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध हैं। वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की पहचान कर नामजद मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।
नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान स्थगित जरूर हुआ है, लेकिन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई दोबारा पर्याप्त पुलिस बल के साथ शुरू की जाएगी, क्योंकि यह स्वीकृत सार्वजनिक परियोजना शहर के विकास के लिए आवश्यक है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में वर्षों से चल रहे अतिक्रमण के कारण सड़कें संकरी हो गई हैं और यातायात बाधित रहता है। कई लोगों का मानना है कि विरोध के कारण सरकारी योजनाएँ रुक जाती हैं, जिससे शहर के विकास पर असर पड़ता है। कुछ व्यापारियों ने बताया कि प्रशासन को पहले जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को तैयार करना चाहिए था, ताकि तनाव की स्थिति न बने।
विशेषज्ञ टिप्पणी
शहरी विकास विशेषज्ञों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के दौरान अक्सर विरोध देखने को मिलता है, लेकिन ऐसी कार्रवाइयाँ तभी सफल होती हैं जब प्रशासन, पुलिस और स्थानीय समुदाय के बीच समन्वय बेहतर हो।
आगे क्या
पुलिस ने घटनास्थल के वीडियो और मोबाइल फुटेज जुटाने शुरू कर दिए हैं। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने संकेत दिया है कि अतिक्रमण हटाने की अगली कार्रवाई पर्याप्त सुरक्षा के साथ जल्द ही दोबारा शुरू की जाएगी, ताकि विकास परियोजनाएं समय पर पूरी की जा सकें।






