
ग्राम दोहा: खत शैली के ग्राम दोहा में विराजमान छत्रधारी चालदा महासू देवता के खत कोरू के ग्राम कचटा के लिए प्रस्थान की तैयारियों को लेकर मंदिर समिति और ग्रामीणों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में देव यात्रा के मार्ग, प्रस्थान से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों और इस अवसर पर आयोजित किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई। आगामी मई माह में प्रस्तावित इस देव यात्रा को लेकर गांव में उत्साह का माहौल है और परंपरागत व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने पर जोर दिया गया।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
ग्राम दोहा में विराजमान चालदा महासू देवता का खत कोरू क्षेत्र में गहरा धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। परंपरा के अनुसार देवता का समय-समय पर खत कोरू के अंतर्गत आने वाले गांवों में आगमन होता है। इसी क्रम में 7 मई को देवता ग्राम कचटा के लिए प्रस्थान करेंगे, जिसे लेकर पहले से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
यह आयोजन धार्मिक और पारंपरिक प्रकृति का होने के कारण इसकी व्यवस्थाएं मंदिर समिति और ग्रामीणों द्वारा आपसी समन्वय से की जा रही हैं। प्रशासनिक स्तर पर किसी औपचारिक टिप्पणी की जानकारी सामने नहीं आई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि चालदा महासू देवता की देव यात्रा गांवों को आपस में जोड़ने वाली परंपरा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं और देव आगमन से क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण बनता है।
आंकड़े और तथ्य
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रस्थान से एक दिन पूर्व खत कोरू के ग्रामीण और मंदिर समिति के पदाधिकारी ग्राम दोहा पहुंचकर देवता को अपने क्षेत्र में आमंत्रित करेंगे। इस दौरान पारंपरिक और धूमधाम से स्वागत किया जाएगा। साथ ही देव यात्रा के दौरान लोक कलाकारों को आमंत्रित कर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आगे क्या होगा
आगामी दिनों में यात्रा मार्ग, श्रद्धालुओं की सुविधा, ठहराव और सुरक्षा से जुड़े बिंदुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। मंदिर समिति और ग्रामीण मिलकर सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने में जुटे हैं।
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