
ऋषिकेश: परिवहन महासंघ के आह्वान पर बुधवार, 29 अक्तूबर को पूरे गढ़वाल मंडल में एक दिवसीय चक्का जाम रहेगा। इस आंदोलन को देहरादून और पर्वतीय क्षेत्रों की यूनियनों का भी पूरा समर्थन मिल गया है। ट्रांसपोर्टर ऋषिकेश समेत विभिन्न स्थानों पर वाहनों का संचालन पूरी तरह से रोक देंगे।
टीजीएमओ (टिहरी गढ़वाल मोटर ओनर्स यूनियन) कार्यालय में आयोजित बैठक में ट्रक, डंपर, विक्रम, ऑटो, ई-रिक्शा, ई-ऑटो और बस यूनियनों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से आंदोलन का निर्णय लिया। यूनियन के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी ने बताया कि बीते सोमवार को देहरादून में परिवहन सचिव के साथ बैठक हुई थी, जिसमें मांगों को मानने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ट्रांसपोर्टर गजेंद्र नेगी ने कहा कि पिछले वर्ष भी ट्रकों की भार क्षमता बढ़ाने को लेकर आंदोलन किया गया था, परंतु विभागीय अधिकारियों के वादे के बावजूद आज तक समाधान नहीं हुआ। इसी तरह भूपाल सिंह नेगी ने बताया कि परिवहन विभाग को भेजी गई किसी भी प्रमुख मांग को अब तक स्वीकार नहीं किया गया है। इसलिए सभी यूनियनों ने एकजुट होकर एक दिन के चक्का जाम का फैसला लिया है।
गढ़वाल ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश बहुगुणा और बिजेंद्र कंडारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार लगातार ट्रांसपोर्टरों की अनदेखी कर रही है। बैठक के बाद संयोजक संजय शास्त्री ने 29 अक्तूबर को पूरे गढ़वाल मंडल में वाहनों के पहिए थमने की औपचारिक घोषणा की।
एआरटीओ टीम पहुंची बैठक में, नहीं बनी सहमति
टीजीएमओ कार्यालय में ट्रांसपोर्टरों को समझाने के लिए एआरटीओ (प्रशासन) रावत सिंह कटारिया और एआरटीओ (प्रवर्तन) रश्मि पंत भी अपनी टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने बताया कि 10 सूत्रीय मांगों में से लगभग 80 फीसदी मांगों पर मुख्यालय स्तर पर सहमति बन चुकी है। इन मांगों में—
- एआरटीओ कार्यालय परिसर में वाहनों की फिटनेस पूर्व की भांति शुरू करने के लिए प्रस्ताव भेजना,
- वाहन स्वामियों को एक वर्ष का टैक्स माफ करना,
- वाहन चालकों को आर्थिक सहायता देने,
- आपदा में अधिग्रहण किए गए वाहनों का किराया बढ़ाने,
- ट्रकों की भार क्षमता बढ़ाने,
- और राष्ट्रीय परमिट वाहनों में एकरूपता लाने जैसी बातें शामिल हैं।
हालांकि ट्रांसपोर्टरों ने साफ कहा कि जब तक सरकार लिखित आश्वासन नहीं देती, वे अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगे। ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने चेतावनी दी है कि बुधवार को गढ़वाल मंडल के सभी मार्गों पर परिवहन सेवाएं पूरी तरह ठप रहेंगी।







