
डोईवाला: शुगर मिल में पेराई सत्र 2025-26 का शुभारंभ शुक्रवार सुबह विधिवत हवन-पूजन के साथ किया गया। विधायकों प्रेमचंद अग्रवाल और बृजभूषण गैरोला ने क्रेन में गन्ने की पूली डालकर औपचारिक रूप से पेराई की शुरुआत की। इस दौरान मिल प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
डोईवाला शुगर मिल क्षेत्र के किसानों के लिए महत्वपूर्ण सहारा है। हर वर्ष पेराई सत्र शुरू होने के साथ गन्ना किसानों की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है। पिछले वर्षों में मिल का घाटा कम होने और भुगतान समय पर होने से किसानों का भरोसा भी बढ़ा है।
अधिकारिक जानकारी
विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि सरकार के समर्थन के चलते चीनी मिल ने लगातार किसानों के बकाया भुगतान पेराई सत्र से पहले ही निपटाए हैं। उन्होंने मिल की रिकवरी 10 प्रतिशत से अधिक करने के लिए किसानों से सहयोग की अपील की। उन्होंने बताया कि अधिशासी निदेशक डीपी सिंह के कार्यभार संभालने के बाद से मिल का घाटा तीन वर्षों में 28 करोड़ रुपये से घटकर 1 करोड़ रुपये रह गया है। इस वर्ष शुगर मिल इसे भी समाप्त कर लाभ में आने की उम्मीद कर रही है। मिल प्रशासन ने इस बार 30 लाख कुंतल गन्ने की पेराई का लक्ष्य निर्धारित किया है।
डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला ने केंद्र और राज्य सरकार को किसान हितैषी बताते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय किसानों और प्रतिनिधियों ने पेराई सत्र के समय पर शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उनका कहना है कि मिल की आर्थिक स्थिति सुधरने से किसानों का गन्ना भुगतान भी नियमित हुआ है, जिससे क्षेत्र के कृषि चक्र में स्थिरता आई है।
अगला कदम — क्या आगे होगा
मिल प्रशासन इस वर्ष पेराई लक्ष्य को पूरा करने के लिए किसानों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखेगा। उच्च रिकवरी और उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। सरकार की ओर से समय पर भुगतान और तकनीकी सहायता जारी रह सकती है।






