
डोईवाला: नगर पालिका क्षेत्र के मुख्य मार्गों से लेकर गलियों तक निराश्रित गोवंश नागरिकों के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। रेलवे रोड, भानियावाला, शुगर मिल रोड और प्रेमनगर बाजार में इन दिनों आवारा पशुओं की भरमार है। इससे जहां यातायात प्रभावित हो रहा है, वहीं खेतों की फसलें भी नुकसान झेल रही हैं। नगर पालिका की ओर से अभी तक ठोस कार्रवाई न किए जाने से लोगों में नाराजगी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
डोईवाला नगर पालिका क्षेत्र में आवारा गोवंश की समस्या नई नहीं है। कुछ महीने पहले पालिका की ओर से अभियान चलाकर गोवंश को पकड़कर गोशालाओं में भेजा गया था, लेकिन अब दोबारा बड़ी संख्या में निराश्रित पशु सड़कों और बाजारों में दिखाई देने लगे हैं।
स्थानीय क्षेत्रों में स्थिति
रेलवे रोड, शुगर मिल रोड, भानियावाला और प्रेमनगर बाजार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सड़कों पर दिनभर गोवंश का झुंड देखने को मिलता है। ये पशु अक्सर सड़कों के बीच बैठ जाते हैं जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित होती है। वहीं, खेतों में फसलें चरने से किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी राजेंद्र ने बताया, “रोजाना शाम के समय सड़क पर इतनी भीड़ हो जाती है कि वाहन निकालना मुश्किल हो जाता है। कई बार दुर्घटनाओं का खतरा भी बनता है।”
जन प्रतिक्रिया और समाजसेवी आवाज़ें
समाजसेवी अवतार सिंह सैनी ने बताया कि इस समस्या को लेकर नगर पालिका को कई बार सूचित किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि “निराश्रित गोवंश से किसान और आमजन दोनों परेशान हैं। जल्द कार्रवाई जरूरी है।”
नगर पालिका की चांदमारी वार्ड की सभासद सुनीता सैनी ने कहा कि “आगामी बोर्ड बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा ताकि इसका स्थायी समाधान निकाला जा सके।”
नगर पालिका की प्रतिक्रिया
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी एम.एल. शाह ने कहा, “गोवंश की समस्या का संज्ञान लिया जा चुका है। जल्द ही पालिका की टीम अभियान चलाकर निराश्रित पशुओं को गोशालाओं में भेजने की कार्रवाई शुरू करेगी।”
पृष्ठभूमि और भविष्य की दिशा
विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी इलाकों में बढ़ते निराश्रित गोवंश की समस्या केवल डोईवाला तक सीमित नहीं है। पूरे राज्य के कई शहरी क्षेत्रों में यही स्थिति है। समाधान के लिए स्थायी गोशालाओं की संख्या बढ़ाना और निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करना आवश्यक है।






