
उत्तरकाशी: बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री और प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास मंगलवार को उत्तरकाशी पहुंचे। दोनों संत-विद्वान हेलीकॉप्टर से गंगनानी पहुंचे, जहां उन्होंने मां यमुना के तट पर विशेष पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद वे यमुना के शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली के लिए रवाना हुए, जहां वे यमुना मां के दर्शन और विशेष पूजा करेंगे।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
देवभूमि उत्तराखंड में इन दिनों धार्मिक गतिविधियों का दौर जारी है। इस क्रम में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री और कवि व वक्ता डॉ. कुमार विश्वास का आगमन श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष अवसर रहा। दोनों के आगमन से गंगनानी और खरसाली क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
गंगनानी में विशेष पूजा-अर्चना
सूत्रों के अनुसार, दोनों अतिथि सुबह हेलीकॉप्टर से गंगनानी हेलीपैड पहुंचे, जहां स्थानीय प्रशासन और श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे मां यमुना के तट पर पहुंचे और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विशेष पूजन किया। पूजा के दौरान प्रदेश की समृद्धि और जनता के कल्याण के लिए आशीर्वाद मांगा गया।
खरसाली की ओर रवाना
पूजा-अर्चना के बाद धीरेन्द्र शास्त्री और कुमार विश्वास यमुना के शीतकालीन प्रवास स्थल — खरसाली (यमुना मंदिर) की ओर रवाना हुए। खरसाली में वे मां यमुना की मूर्ति के शीतकालीन दर्शन करेंगे और यमुना पूजन के पारंपरिक अनुष्ठान में शामिल होंगे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बागेश्वर धाम सरकार और कुमार विश्वास के आगमन से क्षेत्र के लोगों में अत्यंत धार्मिक उत्साह है। श्रद्धालुओं ने दोनों से आशीर्वाद प्राप्त किया और पूजा स्थल पर जयकारे गूंजे।
स्थानीय प्रशासन की व्यवस्था
उत्तरकाशी प्रशासन ने उनके आगमन को देखते हुए सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था की थी। गंगनानी और खरसाली दोनों स्थानों पर हेलीकॉप्टर लैंडिंग से लेकर भीड़ नियंत्रण तक की तैयारी की गई थी।
धार्मिक महत्व
गंगनानी और खरसाली दोनों ही मां यमुना के पूजन स्थलों में प्रमुख हैं। जहां गंगनानी में यमुना के तट पर गर्म जलकुंड प्रसिद्ध है, वहीं खरसाली में मां यमुना की मूर्ति शीतकालीन प्रवास के दौरान रखी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि यहां पूजन करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।







