
देहरादून। मसूरी में 24 दिसंबर से शुरू हो रहे विंटर कार्निवाल, उसके अगले दिन क्रिसमस और फिर नए साल के जश्न को देखते हुए परिवहन विभाग ने सड़कों पर अंधाधुंध गाड़ियां दौड़ाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। विभाग ने साफ किया है कि शीतकालीन पर्यटन सीजन में चाहे लोग मसूरी में जश्न मनाएं या देहरादून में, तेज रफ्तार और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे वाहन चालक जो अपनी और दूसरों की जान खतरे में डालते हैं, उन पर सीधे ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई की जाएगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
विंटर सीजन में मसूरी और देहरादून दोनों ही शहर पर्यटकों से भर जाते हैं। क्रिसमस और नए साल के जश्न के दौरान सड़कों पर भीड़ बढ़ जाती है और कई बार अनियंत्रित गति, स्टंट या शराब पीकर वाहन चलाने जैसी घटनाएं दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। हर वर्ष 31 दिसंबर के आसपास देहरादून में सड़क हादसों की संख्या बढ़ जाती है। इस वर्ष परिवहन विभाग पहले से तैयारी कर रहा है, ताकि सड़कों पर किसी भी तरह की जानलेवा घटना को रोका जा सके।
आधिकारिक जानकारी
आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने बताया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े गंभीर अपराधों में तीन माह के लिए लाइसेंस निलंबित करने या सीधे लाइसेंस निरस्त करने का प्रविधान है। लाइसेंस निलंबित होने पर चालक 12 महीने तक नया लाइसेंस नहीं बनवा सकेगा। उन्होंने कहा कि कैमरों के माध्यम से ऑनलाइन चालान किए जाएंगे और ऐसे वाहनों के नंबर विभागीय सॉफ्टवेयर में ब्लॉक कर दिए जाएंगे।
आरटीओ ने स्पष्ट किया कि जश्न की आड़ में हुड़दंग करने, लापरवाही से वाहन चलाने या अनियंत्रित गति से दूसरों की जान जोखिम में डालने वालों पर ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट न पहनने और ट्रिपल राइडिंग पर लाइसेंस निलंबन का नियम भी पहले की तरह लागू रहेगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय व्यापारियों और होटल संचालकों का कहना है कि त्योहारों के समय बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से न केवल आम नागरिक सुरक्षित रहते हैं, बल्कि पर्यटन की छवि भी बेहतर होती है। कई निवासी बताते हैं कि तेज रफ्तार और शराब के नशे में वाहन चलाने वालों के कारण बड़ी दुर्घटनाएं होती हैं, ऐसे में यह सख्ती आवश्यक है।
कानूनी प्रावधान और सुधार
आरटीओ ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा संशोधित मोटर वाहन अधिनियम में यह स्पष्ट है कि दुर्घटना होने पर यदि चालक की गलती पाई जाती है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है। यह प्रावधान उन चालकों पर भी लागू होता है जिनकी वजह से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर की रात को दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शहर के प्रमुख मार्गों पर प्रवर्तन टीमें स्पीड रडार गन के साथ तैनात रहेंगी।
तेज रफ्तार के प्रमुख क्षेत्र
देहरादून में कई ऐसे मार्ग हैं जहां जश्न के दिनों में वाहन चालकों द्वारा रफ्तार का खेल खेला जाता है। मसूरी रोड, राजपुर रोड, सहस्रधारा रोड, सहस्रधारा बाइपास, जीएमएस रोड, कैंट रोड, रेसकोर्स, जोगीवाला रिंग रोड, चकराता रोड, बलबीर रोड, वसंत विहार, क्लेमेनटाउन, सहारनपुर रोड और हरिद्वार बाईपास ऐसे प्रमुख क्षेत्र हैं जहां अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।
खतरनाक जोन
शहर में 19 स्थानों को खतरनाक जोन घोषित किया गया है। इनमें घंटाघर, दर्शनलाल चौक, प्रिंस चौक, सहारनपुर चौक, तहसील चौक, जीएमएस रोड, बल्लूपुर चौक, बल्लीवाला चौक, मसूरी डायवर्जन, जाखन तिराहा, आरटीओ तिराहा, आईएसबीटी तिराहा, रिस्पना पुल तिराहा, आराघर जंक्शन, रेसकोर्स चौराहा, केडीएमआईपी चौक, किशननगर तिराहा, मोहब्बेवाला चौक और सर्वे चौक शामिल हैं। इन स्थानों पर प्रवर्तन और निगरानी बढ़ाई जा रही है।
डीएल निरस्त होने वाले अपराध
शराब पीकर वाहन चलाना, मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग करना, अनियंत्रित गति, रेड लाइट जंप करना, ओवरलोडिंग और यात्रियों को भार वाहन में ले जाना—ये सभी अपराध लाइसेंस निरस्तीकरण की श्रेणी में रखे गए हैं।
आगे क्या
विभाग ने चेतावनी दी है कि 24 दिसंबर से लेकर नए साल तक सड़क सुरक्षा अभियान और अधिक सख्त रहेगा। परिवहन टीमों की तैनाती बढ़ाकर हर प्रमुख मार्ग पर निगरानी रखी जाएगी, ताकि देहरादून और मसूरी दोनों जगह जश्न का माहौल सुरक्षित बना रहे।





