
देहरादून: देहरादून शहर में परिवहन विभाग ने बुधवार को सघन अभियान चलाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रम वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। इस दौरान 36 विक्रम वाहनों के चालान किए गए, जबकि 21 वाहनों को सीज कर दिया गया। जांच में सामने आया कि कई विक्रम चालक हाई कोर्ट के आदेशों के बावजूद सीटिंग क्षमता में अवैध बदलाव कर यात्रियों को आगे की सीट पर बैठा रहे थे। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी जोखिमपूर्ण माना जा रहा है। विभाग की इस कार्रवाई से शहर में विक्रम संचालन को लेकर सख्ती का संदेश गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हाई कोर्ट द्वारा विक्रम वाहनों की सीटिंग क्षमता को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। इन आदेशों का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सड़क पर होने वाले हादसों को रोकना है। इसके बावजूद कुछ चालक नियमों की अनदेखी कर रहे थे, जिस पर परिवहन विभाग को कार्रवाई करनी पड़ी।
आधिकारिक जानकारी
आरटीओ प्रवर्तन डॉ. अनीता चमोला ने बताया कि विक्रम की सीटिंग क्षमता में नियमानुसार परिवर्तन को लेकर हाई कोर्ट के आदेश लागू हैं। इसके बावजूद कुछ चालक आगे की सीट पर यात्रियों को बैठा रहे थे। उन्होंने बताया कि इसी को लेकर शहर के अलग-अलग हिस्सों में टीमें तैनात की गई थीं। अभियान के दौरान एआरटीओ पंकज श्रीवास्तव, रश्मि पंत, जितेंद्र बहादुर चंद, एमडी पपनोई और श्वेता रौथाण मौजूद रहीं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि विक्रम में तय क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। यात्रियों और व्यापारियों ने भी परिवहन विभाग की कार्रवाई को जरूरी बताया है।
आंकड़े / जानकारी
अभियान के दौरान 36 विक्रम वाहनों के चालान किए गए, जबकि 21 वाहनों को सीज किया गया।
आगे क्या होगा
परिवहन विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि हाई कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।





