
देहरादून: परिवहन विभाग द्वारा विक्रम वाहनों में अधिकतम छह सवारियां बैठाने के आदेश के बावजूद देहरादून शहर में इसका असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। शहर के विभिन्न रूटों पर विक्रम आठ से दस यात्रियों को बैठाकर खुलेआम संचालित किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, चालक सीट पर भी दो-दो सवारियां बैठाई जा रही हैं, जिससे न केवल यातायात नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं, बल्कि जाम और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। आदेश जारी होने के अगले ही दिन स्थिति जस की तस बनी रही।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
देहरादून में विक्रम लंबे समय से तय क्षमता से अधिक सवारियां ढोने को लेकर चर्चा में रहे हैं। बढ़ती शिकायतों और यातायात अव्यवस्था को देखते हुए परिवहन विभाग ने यात्रियों की संख्या सीमित करने का निर्णय लिया था, ताकि जाम और हादसों पर नियंत्रण पाया जा सके।
आधिकारिक जानकारी
आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने बीते सोमवार को विक्रम में अधिकतम छह यात्रियों को बैठाकर संचालन करने का आदेश जारी किया था। आदेश का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया गया था।
स्थानीय प्रतिक्रिया
यात्रियों का कहना है कि विक्रम में जरूरत से ज्यादा सवारियां बैठाने से सफर असहज और जोखिम भरा हो गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि चौक-चौराहों पर खड़े विक्रम जाम की बड़ी वजह बन रहे हैं।
जमीनी हकीकत कुछ और
मंगलवार को शहर के विभिन्न रूटों पर विक्रम की पड़ताल में एक भी वाहन ऐसा नहीं मिला, जो आरटीओ के आदेश का पालन करता दिखा हो। सहारनपुर चौक से तहसील चौक की लेफ्ट टर्न पर सड़कों के बीच यात्रियों को बैठाने और उतारने का काम किया गया, जिससे लगातार जाम की स्थिति बनी रही।
रेलवे स्टेशन, प्रिंस चौक, सहारनपुर चौक, तहसील चौक और लैंसडाउन चौक जैसे व्यस्त इलाकों में विक्रमों की पार्किंग के कारण एंबुलेंस और निजी वाहनों को निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
आंकड़े / तथ्य
निर्धारित सवारियां: 6
वास्तविक संचालन: 8 से 10 सवारियां
प्रभावित प्रमुख चौक: सहारनपुर, रेलवे स्टेशन, प्रिंस चौक, तहसील चौक, लैंसडाउन चौक
आगे क्या?
आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने कहा है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले विक्रम चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आरटीओ प्रवर्तन द्वारा विशेष अभियान की तैयारी पूरी कर ली गई है। पूर्व में भी नियम तोड़ने वाले विक्रमों को सीज करने के साथ भारी जुर्माना लगाया जा चुका है। आने वाले दिनों में सख्ती बढ़ने की संभावना है।






