
देहरादून: शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला आकाशदीप कॉलोनी का है, जहां एक आवारा कुत्ता पिछले एक महीने में करीब नौ लोगों पर हमला कर चुका है। शुक्रवार को इसी कुत्ते ने स्थानीय निवासी विक्रम पंवार पर दोबारा हमला कर गंभीर चोट पहुंचाई। शिकायत के बाद नगर निगम ने कुत्ते को कुछ समय के लिए एबीसी सेंटर में रखने और उपचार के बाद ही छोड़ने की बात कही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
दून शहर में आवारा कुत्तों की समस्या नई नहीं है, लेकिन आकाशदीप कॉलोनी का मामला पिछले कुछ दिनों में अधिक गंभीर रूप ले चुका है। स्थानीय निवासी लगातार हमलों से परेशान हैं और बच्चों व बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। क्षेत्र में कई बार शिकायतें दर्ज की गईं, बावजूद इसके कुत्ता बार-बार लोगों को निशाना बना रहा है।
आधिकारिक जानकारी
विक्रम पंवार की टांग पर कुत्ते के ताजा हमले से गहरा घाव हो गया। कुछ दिन पहले भी यही कुत्ता उन्हें काट चुका था और वे एंटी-रेबीज इंजेक्शन का कोर्स करवा रहे थे। दोबारा हमले के बाद उन्हें फिर से उपचार कराना पड़ा।
विक्रम की पत्नी हरप्रीम ने बताया कि कुत्ते के डर से कॉलोनी में निकलना मुश्किल हो गया है और वे हमेशा हाथ में डंडा लेकर ही बाहर जाती हैं। फल-सब्जी विक्रेता भी कुत्ते के आक्रामक स्वभाव कारण गली में आने से कतराते हैं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि पहले भी नगर निगम की टीम ने इस कुत्ते को पकड़कर ले जाया था। उसका बंध्याकरण और टीकाकरण किया गया था, लेकिन कुछ दिन बाद उसे दोबारा कॉलोनी में छोड़ दिया गया। शुरू में कुत्ता शांत दिखा, पर अब फिर आक्रामक होकर राहगीरों, दोपहिया सवारों और बच्चों का पीछा कर रहा है।
नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि शिकायत मिलते ही कार्रवाई की जाती है। यदि यह कुत्ता फिर से हमलावर हो गया है, तो उसे एबीसी सेंटर में कुछ दिनों तक निगरानी और उपचार के लिए रखा जाएगा। स्वभाव सामान्य होने पर ही उसे वापस छोड़ा जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
आकाशदीप कॉलोनी के लोगों का कहना है कि बढ़ती घटनाओं के बावजूद कुत्ते की आक्रामकता को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। कुछ निवासियों ने बताया कि “बच्चों को अकेले बाहर भेजना मुश्किल हो गया है। गली में चलते हुए हमेशा डर बना रहता है कि कहीं कुत्ता अचानक हमला न कर दे।”
कई परिवारों ने नगर निगम से स्थायी समाधान की मांग उठाई है, ताकि कॉलोनी निवासियों को राहत मिल सके।
एबीसी सेंटर की क्षमता बढ़ाने की तैयारी
नगर निगम के वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि जल्द ही एबीसी सेंटर की क्षमता को तीन गुना बढ़ाया जा रहा है। अभी यहां लगभग 70 कुत्तों को रखने की सुविधा है, जिसे बढ़ाकर 200 से अधिक किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जल्द ही कुत्ता शिकायत प्रकोष्ठ और एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा, ताकि शिकायती मामलों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। जनजागरूकता के लिए पोस्टर और बैनर अभियान भी शुरू किए जाएंगे।
नगर निगम के अनुसार, वर्ष 2016 से अब तक 54 हजार आवारा कुत्तों का बंध्याकरण और टीकाकरण किया जा चुका है, हालांकि शहर में अभी भी लगभग 20 प्रतिशत कुत्तों का यह प्रक्रिया पूरा होना बाकी है।
आगे क्या?
नगर निगम ने आश्वासन दिया है कि आकाशदीप कॉलोनी में कुत्ते की गतिविधि पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। कुत्ते को जल्द पकड़कर उपचार के लिए एबीसी सेंटर भेजने की तैयारी है। स्थानीय निवासियों ने उम्मीद जताई है कि इस बार समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा और कॉलोनी में सामान्य स्थिति लौटेगी।






