
सेलाकुई: देहरादून में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई तेज कर दी है। सेलाकुई क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृति और प्राधिकरण की अनुमति के चल रही अनियमित गतिविधियों पर सख्त कदम उठाते हुए प्राधिकरण ने बुलडोज़र चलाया और करीब 10 बीघा भूमि को खाली कराया। यह अभियान एमडीडीए की ‘ज़ीरो टालरेंस’ नीति के तहत चलाया गया, जिसका उद्देश्य अनधिकृत विकास पर रोक लगाना है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
प्राधिकरण की जांच में सामने आया था कि जीडी गोयंका स्कूल बस स्टॉप के निकट सेलाकुई क्षेत्र में वीरू भंडारी और कुछ अन्य व्यक्तियों द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र के अवैध रूप से प्लाट काटे जा रहे थे। शिकायत मिलने के बाद एमडीडीए ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि बिना मानचित्र स्वीकृति किसी भी प्रकार की प्लाटिंग या निर्माण अवैध है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई नियम उल्लंघन करने वालों के लिए सख्त संदेश है कि प्राधिकरण त्वरित और कठोर कदम उठाएगा।
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि एमडीडीए लगातार निगरानी कर रहा है और जहां भी अवैध प्लाटिंग या निर्माण की शिकायत मिलती है, वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध प्लाटिंग की शिकायतें मिल रही थीं। कार्रवाई के बाद नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि इससे अनियंत्रित विकास पर अंकुश लगेगा और वैध खरीदारों के हित सुरक्षित रहेंगे।
आगे क्या होगा
एमडीडीए ने नागरिकों से अपील की है कि भूमि खरीदने या निर्माण शुरू करने से पहले प्राधिकरण से विधिवत अनुमति अवश्य लें। आने वाले दिनों में प्राधिकरण द्वारा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी निरीक्षण और कार्रवाई जारी रहने की बात कही गई है।
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