
देहरादून: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की कंप्यूटर-आधारित परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। मंगलवार को पटेल नगर थाना क्षेत्र के एक परीक्षा केंद्र में नकल करते हुए एक संदिग्ध सॉल्वर को रंगे हाथ पकड़ा गया। शुरुआती जांच में उसके हरियाणा से जुड़े होने की बात सामने आई है, जिसके बाद पुलिस ने उससे विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षाओं में पिछले कुछ वर्षों से नकल गिरोह सक्रिय पाए जाते रहे हैं, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर बार-बार सवाल उठते हैं। आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग करते हुए फर्जी अभ्यर्थी और सॉल्वर परीक्षा केंद्रों में प्रवेश पाने की कोशिश करते हैं। देहरादून में सामने आया यह मामला भी इसी श्रृंखला का एक ताजा उदाहरण है।
आधिकारिक जानकारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार पकड़े गए युवक को पटेल नगर थाना ले जाया गया, जहाँ उसके खिलाफ देर रात तक संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई।
सीओ सदर अंकित कंडारी ने बताया कि जांच प्रारंभिक चरण में है और आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि पुलिस तकनीकी टीम की मदद से आरोपी के मोबाइल, कॉल रिकॉर्ड और मैसेजिंग ऐप्स की भी जांच कर रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
परीक्षा केंद्र के आसपास मौजूद छात्रों ने बताया कि अचानक हुई गिरफ्तारी के बाद परीक्षा केंद्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
कुछ अभ्यर्थियों ने कहा कि ऐसे मामलों से मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है और सख्त कार्रवाई जरूरी है।
नकल गिरोह का तरीका
शुरुआती जांच में पुलिस को इस बात का संदेह है कि गिरोह प्रश्नपत्र और उत्तरों के आदान-प्रदान के लिए किसी निजी मैसेजिंग एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर रहा था।
पुलिस इस एंगल पर भी काम कर रही है कि क्या आरोपी ने परीक्षा से पहले ही पेपर तक पहुँच हासिल कर ली थी या उसे परीक्षा के दौरान लाइव सहायता मिल रही थी।
आगे क्या?
पुलिस आरोपी से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और हरियाणा में उसके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
फोरेंसिक विश्लेषण के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि सॉल्वर किस समूह के लिए काम कर रहा था और कितने अभ्यर्थियों को इसमें शामिल किया गया था।
अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।






