
देहरादून के परेड ग्राउंड में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली परेड की रिहर्सल का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम के दिन चेकिंग के बाद ही लोगों को प्रवेश दिया जाएगा और किसी भी प्रकार की ज्वलनशील सामग्री कार्यक्रम स्थल पर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि राष्ट्रीय पर्व का आयोजन पूरी सुरक्षा और अनुशासन के साथ संपन्न हो।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हर वर्ष गणतंत्र दिवस पर देहरादून के परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में अतिथि, अधिकारी, परेड दल और आम नागरिक शामिल होते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था और आपसी समन्वय को लेकर पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। रिहर्सल के दौरान कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर किया जाता है।
आधिकारिक जानकारी
एसएसपी अजय सिंह ने निरीक्षण के दौरान कहा कि सभी संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर समय से सभी व्यवस्थाएं पूरी की जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की चेकिंग अनिवार्य होगी। साथ ही अतिथियों और आम लोगों के वाहनों की पार्किंग पूर्व में चिह्नित पार्किंग स्थलों में ही कराई जाए।
परेड की संरचना
पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में कुल 10 प्लाटून प्रतिभाग करेंगी। इनमें एक प्लाटून आर्मी, एक प्लाटून सीआरपीएफ, एक प्लाटून आईटीबीपी, एक प्लाटून हिमाचल पुलिस, एक प्लाटून 40वीं वाहिनी पीएसी पुरुष, एक प्लाटून महिला 40वीं वाहिनी पीएसी, एक प्लाटून होमगार्ड, एक प्लाटून पीआरडी, एक प्लाटून एनसीसी बॉयज और एक प्लाटून एनसीसी गर्ल्स शामिल हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होना आवश्यक है। लोगों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन की तैयारी से कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न होगा।
आगे क्या होगा
पुलिस और प्रशासन द्वारा आगामी दिनों में अंतिम रिहर्सल और सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जाएगी। कार्यक्रम के दिन तय दिशा-निर्देशों के अनुसार चेकिंग, यातायात और पार्किंग व्यवस्था लागू की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।







