
देहरादून: राजधानी देहरादून के राजपुर रोड क्षेत्र में एक 85 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक महिला के साथ घर में घुसकर धक्का-मुक्की, अभद्रता और धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता ने डालनवाला कोतवाली में लिखित शिकायत देकर आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि पांच युवक बिना अनुमति घर में घुसे, महिला और उनकी बहू के साथ दुर्व्यवहार किया और भाजपा से जुड़े पोस्टर को फाड़ते हुए आग लगाने व जान से मारने की धमकी दी। मामले ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राजपुर रोड देहरादून का घनी आबादी वाला रिहायशी इलाका है। हाल के दिनों में आवासीय क्षेत्रों में इस तरह की घटनाओं को लेकर लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं।
आधिकारिक जानकारी
शिकायत के अनुसार राजपुर रोड निवासी विमला देवी अपने घर के अंदर बैठी थीं, तभी करीब पांच युवक बिना अनुमति घर में घुस आए। आरोप है कि युवकों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और अभद्रता की। उस समय घर में मौजूद उनकी बहू अलका वर्मा के साथ भी गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की गई। इसके बाद आरोपित सीढ़ियों से होते हुए आंगन के ऊपर छत पर चढ़ गए।
आग लगाने की धमकी
पीड़िता की बहू ने जब छत पर जाकर युवकों से पूछताछ की तो वे वहां लगे बैनर को फाड़ रहे थे। आरोप है कि युवकों ने कहा कि यदि दोबारा भाजपा का पोस्टर लगाया गया तो वे आग लगा देंगे और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि पीड़िता के बेटे संजीव वर्मा भाजपा के पदाधिकारी हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाके में बुजुर्ग महिला के साथ इस तरह की घटना चिंताजनक है। पड़ोसियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस कार्रवाई
आसपास पूछताछ के बाद पांच में से दो युवकों की पहचान नितिन दत्त निवासी किंगक्रेट, मसूरी और सुरेश सिंह निवासी ग्राम डोब, पोस्ट गोमुख, थाना हिंडोलाखाल, टिहरी गढ़वाल के रूप में हुई है। तीन अन्य की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के अनुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या होगा
पुलिस जांच के दौरान बयान, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की समीक्षा करेगी। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ धाराएं तय की जाएंगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।






