
देहरादून। पिछले कई दिनों से देहरादून में लगातार धरना–प्रदर्शन, जुलूस और रैलियों के कारण शहर में जाम की स्थिति बनी हुई है। शीतकालीन यात्रा, क्रिसमस, नव वर्ष और स्कूलों की छुट्टियों के दौरान भारी पर्यटक संख्या को देखते हुए प्रशासन ने अब बिना अनुमति किसी भी प्रकार के प्रदर्शन या रैली पर रोक लगा दी है। प्रतिबंधित क्षेत्रों में आयोजन करने वालों पर बीएनएस धारा 223 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
देहरादून में इन दिनों शादी सीजन, राजनीतिक गतिविधियों और सामाजिक समूहों के लगातार प्रदर्शनों के चलते कई इलाकों में गंभीर जाम की स्थिति पैदा हो रही है। घंटाघर, गांधी पार्क, परेड ग्राउंड और आसपास के क्षेत्र पहले से ही ट्रैफिक दबाव झेल रहे हैं। आगामी पर्यटक सीजन को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए यह कदम उठाया है।
आधिकारिक जानकारी
प्रशासन के अनुसार अब प्रतिबंधित चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में कोई भी व्यक्ति या संगठन बिना अनुमति के धरना–प्रदर्शन, जुलूस, शोभा यात्रा या नारेबाज़ी नहीं कर सकेगा। इसके अलावा लाउडस्पीकर का प्रयोग भी बिना अनुमति प्रतिबंधित रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले आयोजकों पर बीएनएस धारा 223 के तहत सख्त कार्रवाई होगी, जिसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि पिछले हफ्ते कई बार अचानक हुए प्रदर्शनों और जुलूसों की वजह से शहर में घंटों ट्रैफिक जाम लगा रहा। स्कूली बच्चों, ऑफिस जाने वालों और पर्यटकों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि शहर की सड़कों की क्षमता सीमित है और इस तरह के कार्यक्रम ट्रैफिक सिस्टम को चरमरा देते हैं। प्रशासन की यह कार्रवाई समयानुकूल मानी जा रही है।
विशेषज्ञ टिप्पणी
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि बीएनएस धारा 223 सार्वजनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। यह धारा ऐसे मामलों में लागू की जाती है, जहां किसी सरकारी अधिकारी द्वारा जारी आदेश की अवहेलना से जन जीवन प्रभावित होने की आशंका हो। आदेश न मानने पर छह महीने से एक साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान इसे और भी कठोर बनाता है।
आंकड़े / तथ्य
देहरादून में क्रिसमस और नए साल के दौरान प्रतिदिन हजारों पर्यटक आते हैं। शहर का ट्रैफिक भार 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक सप्ताह में 12 से अधिक छोटे–बड़े धरना–प्रदर्शन हुए, जिनसे मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लगा। यही वजह रही कि पुलिस ने अब स्पष्ट रूप से किसी भी अनियंत्रित भीड़भाड़ को रोकने का निर्णय लिया है।
आगे क्या?
एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि पहले भी कई स्थानों पर रैली और प्रदर्शन प्रतिबंधित किए गए थे। अब किसी भी उल्लंघन पर तुरंत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की टीमें शहर के प्रमुख चौराहों पर तैनात रहेंगी और हर आयोजन की कड़ी निगरानी की जाएगी। प्रशासन ने अपील की है कि नागरिक आदेशों का पालन करें और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनाए रखने में सहयोग दें।






