
देहरादून: 26 जनवरी को 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में भव्य समारोह आयोजित किया गया। सुबह 10:30 बजे राज्यपाल गुरमीत सिंह ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की झांकियां निकाली गईं, जिनमें सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की झांकी ने ‘रजत जयंती एवं शीतकालीन धार्मिक यात्रा व पर्यटन’ विषय को केंद्र में रखा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
गणतंत्र दिवस राज्य और देश की संवैधानिक परंपराओं के उत्सव का प्रतीक है। परेड ग्राउंड में आयोजित यह कार्यक्रम प्रशासनिक उपलब्धियों, सांस्कृतिक विविधता और अनुशासन का सामूहिक प्रदर्शन होता है, जिसमें विभागीय झांकियां और सशस्त्र बलों की परेड प्रमुख आकर्षण रहती हैं।
आधिकारिक जानकारी
ध्वजारोहण के बाद विभागों की झांकियों की प्रदर्शनी निकाली गई। सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की झांकी में राज्य के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती, शीतकालीन धार्मिक यात्रा, पर्यटन, योग, आयुर्वेद और राज्य की आर्थिक विकास दर जैसे प्रमुख विषयों को दर्शाया गया।
परेड और झांकियों के पुरस्कार
सेना दल की परेड में सीआरपीएफ प्लाटून को प्रथम, आईटीबीपी प्लाटून को द्वितीय और डोगरा रेजिमेंट प्लाटून को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। झांकियों की श्रेणी में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग को प्रथम, संस्कृत शिक्षा विभाग को द्वितीय और विद्यालयी शिक्षा विभाग को तृतीय स्थान दिया गया। लगातार तीसरी बार सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की झांकी को प्रथम स्थान मिला।
उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मान
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर राज्यपाल ने सचिवालय के चार अधिकारियों और छह पुलिस कर्मियों को राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया। सचिवालय से डॉ. नीरज सिंघल, मस्तु दास, आलोक कुमार सिंह और राकेश सिंह असवाल को सम्मान मिला। पुलिस विभाग से एसटीएफ और सशस्त्र पुलिस के कार्मिकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
विभागीय पक्ष
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि इस वर्ष की झांकी राज्य की रजत जयंती और आर्थिक प्रगति के साथ-साथ योग, आयुर्वेद और पर्यटन जैसे प्रमुख स्तंभों को प्रदर्शित करने पर केंद्रित थी, जिसे निर्णायकों ने सर्वोच्च स्थान दिया।
आगे क्या होगा
राज्य सरकार ने गणतंत्र दिवस के माध्यम से विभागीय उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की बात दोहराई। आने वाले दिनों में विकास कार्यों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।







