
देहरादून: नर्सिंग एकता मंच के नेतृत्व में सैकड़ों बेरोजगार नर्सिंग अभ्यर्थियों ने सोमवार को वर्षवार भर्ती निकालने और आयु सीमा में छूट सहित अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच किया। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत भी पहुंचे और अभ्यर्थियों को समर्थन दिया। इस दौरान हाथीबड़कला क्षेत्र में बेरोजगारों और पुलिस के बीच दो घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, जबकि एक महिला पुलिसकर्मी से मारपीट का आरोप लगने पर विवाद और बढ़ गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राज्य में लंबे समय से नर्सिंग पदों पर भर्ती की मांग उठती रही है। अभ्यर्थी वर्षवार भर्ती खोलने, आयु सीमा में छूट और रिक्त पदों को भरने की मांग के साथ कई दिनों से धरना दे रहे हैं। इससे पहले भी मुख्यमंत्री आवास कूच के दौरान अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी थी।
आधिकारिक जानकारी
कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और अभ्यर्थियों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संघर्ष और एकता हमेशा सकारात्मक परिणाम देती है। रावत ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास घेराव से पहले उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से फोन पर बात की, लेकिन मंत्री ने बताया कि वे पश्चिम बंगाल में हैं।
नर्सिंग एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा कि संगठन कई दिनों से भर्ती से संबंधित मांगों को लेकर धरने पर है। उनका कहना है कि भर्ती न निकलने से बड़ी संख्या में युवा बेरोजगार प्रभावित हो रहे हैं और सरकार को इस ओर गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
स्थानीय प्रतिक्रिया
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है और बार-बार आश्वासन के बावजूद भर्ती कैलेंडर जारी नहीं किया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि हाथीबड़कला क्षेत्र में कूच के दौरान काफी देर तक सड़क जाम की स्थिति बनी रही, जिससे राहगीरों को भी दिक्कत हुई।
महिला संगठनों ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना है कि महिला पुलिसकर्मी के साथ कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
विशेष जानकारी / घटनाक्रम
कूच के दौरान हाथीबड़कला में बेरोजगार अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच दो घंटे तक झड़प होती रही। इस दौरान एक महिला पुलिसकर्मी पर कूच में शामिल एक महिला के साथ मारपीट करने का आरोप लगा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा। इससे पहले भी अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किए जाने पर प्रदर्शनों ने जोर पकड़ा था।
आगे क्या?
अभ्यर्थी अब स्वास्थ्य विभाग से ठोस आश्वासन की मांग कर रहे हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि स्थिति की समीक्षा की जा रही है और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है।







