
देहरादून: राजधानी देहरादून में नगर आयुक्त और कांग्रेस पार्षद के बीच हुआ विवाद सुलझने के बजाय और गहराता जा रहा है। शुक्रवार को दूसरे दिन भी नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही, जिससे शहर की जनसेवाएं प्रभावित रहीं। नगर आयुक्त नमामि बंसल ने कर्मचारियों से संवाद कर उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन कर्मचारी अपनी मांग पर अड़े रहे। कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक संबंधित कांग्रेस पार्षद सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हड़ताल से आम नागरिकों को सीधे तौर पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मंगलवार को वार्ड 47 से कांग्रेस पार्षद रोबिन अपने समर्थकों के साथ देहरादून नगर निगम कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने नगर आयुक्त पर इंतजार कराने और फोन न उठाने का आरोप लगाते हुए कार्यालय का घेराव किया। इसी दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
आधिकारिक जानकारी
पार्षद रोबिन का आरोप है कि नगर आयुक्त ने ऊंची आवाज में बात करने पर आपत्ति जताई और उन्हें कक्ष से बाहर जाने को कहा। उनका कहना है कि उनके वार्ड में विकास कार्यों के लिए बजट नहीं दिया गया, जबकि अन्य वार्डों में 70 लाख से एक करोड़ रुपये तक के कार्य प्रस्तावित हैं। पार्षद ने दावा किया कि यदि सीसीटीवी जांच में उनकी गलती साबित होती है तो वे माफी मांगेंगे, अन्यथा नगर आयुक्त को भी सार्वजनिक रूप से माफी देनी चाहिए।
स्थानीय प्रतिक्रिया
नगर निगम कर्मचारियों ने पार्षद के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए गुरुवार से हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों का कहना है कि सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जब तक पार्षद सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, वे काम पर नहीं लौटेंगे। हड़ताल के चलते सफाई, जलापूर्ति और अन्य नागरिक सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है।
नगर आयुक्त का पक्ष
नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि नगर निगम के तीनों कर्मचारी संगठनों से लगातार बातचीत की जा रही है ताकि हड़ताल समाप्त हो सके। उन्होंने कहा कि अलग-अलग अनुभागों के माध्यम से जनसेवाएं सुचारू रखने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों की मांग पर सहमति बनना अभी शेष है।
आंकड़े / तथ्य
हड़ताल का यह दूसरा दिन है और अब तक कई सेवाएं आंशिक रूप से बाधित रहीं। कर्मचारियों का आंदोलन जारी रहने से आने वाले दिनों में नागरिक सुविधाओं पर और असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
आगे क्या होगा
प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत जारी है। यदि सार्वजनिक माफी के मुद्दे पर सहमति नहीं बनती, तो हड़ताल के और लंबा खिंचने की संभावना है। वहीं, नगर निगम प्रबंधन सेवाओं को सामान्य रखने के वैकल्पिक उपायों पर काम कर रहा है।





