
देहरादून। राजधानी देहरादून से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां धर्म परिवर्तन के बहाने एक हिंदू युवती को फंसाने की साजिश रची जा रही थी। बताया जा रहा है कि मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों ने सोशल मीडिया के जरिए युवती को अपने जाल में फंसाने की कोशिश की, लेकिन युवती की सतर्कता और समय पर सूचना देने से बड़ी वारदात टल गई।
रानीपोखरी क्षेत्र का यह मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कैसे रची गई साजिश
पुलिस के अनुसार, अबू तालिब नाम के युवक ने फेसबुक के माध्यम से हिंदू युवती से दोस्ती की थी। इसके बाद उसने अपने साथी अब्दुर रहमान के साथ मिलकर युवती को धर्म परिवर्तन के लिए झूठे वादों और लालचों से बहकाने की कोशिश की।
आरोपियों ने युवती की मुलाकात अपने दोस्त अयान से कराई और उसे दिल्ली ले जाकर निकाह कराने की योजना बनाई। इसके लिए बुर्का, पैसे और कैब की व्यवस्था भी की गई थी। लेकिन अंतिम समय में युवती ने सतर्कता दिखाते हुए उनके साथ जाने से मना कर दिया, जिससे यह साजिश विफल हो गई।
पुलिस का कहना है कि अगर युवती समय पर कदम न उठाती, तो “द केरला स्टोरी” जैसी घटना घट सकती थी।
आगरा के ‘छांगुर गैंग’ के सदस्य गिरफ्तार
पुलिस ने इस पूरे मामले में आगरा के कुख्यात ‘छांगुर गैंग’ के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी पहले भी आगरा में धर्मांतरण से जुड़े दूसरे मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं।
शनिवार को आगरा पुलिस द्वारा चारों आरोपियों को देहरादून लाया गया और स्थानीय अदालत में पेश किया गया। इसके बाद उन्हें दोबारा आगरा ले जाया गया।
जांच में सामने आए आरोप और नाम
पुलिस की जांच में सामने आया है कि युवती को धर्म परिवर्तन के लिए बहकाने की साजिश में चार आरोपी शामिल थे —
- अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह निवासी भगत विहार, करावलनगर, दिल्ली
- एसवी कृष्णा उर्फ आयशा निवासी एलडीडीए डे, गोवा
- अब्दुर रहमान उर्फ रुपेंद्र सिंह निवासी मोहम्मद हुकूमतपुर, सहसपुर, देहरादून (मूल निवासी मैनपुरी, यूपी)
- अबू तालिब निवासी किदवईनगर, खालापार, मुजफ्फरनगर
आरोपियों ने युवती को आर्थिक मदद, कपड़े, मोबाइल और सिम कार्ड भी उपलब्ध कराए थे ताकि वह उनके संपर्क में बनी रहे। योजना थी कि युवती को दिल्ली के ‘सेफ हाउस’ में रखकर निकाह कराया जाए।
कोर्ट से जारी हुआ वारंट बी
देहरादून पुलिस ने इस मामले में वारंट बी जारी करने का अनुरोध कोर्ट से किया, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी। इसके बाद चारों आरोपियों को देहरादून कोर्ट में पेश किया गया।
पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि धर्मांतरण गैंग से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके।
“युवती की सूझबूझ और समय पर दी गई सूचना से एक बड़ी साजिश नाकाम हुई है। आरोपियों के खिलाफ धर्मांतरण और अन्य संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।” — देहरादून पुलिस अधिकारी







