
देहरादून: जमीन बेचने के नाम पर 80 लाख रुपये की ठगी के मामले में देहरादून की पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने एक सैन्य अधिकारी की बेटी सहित तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि जमीन की रजिस्ट्री का सौदा करने के बाद रकम लेने के बावजूद आरोपी पक्ष ने न तो रजिस्ट्री कराई और न ही राशि लौटाई।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
देहरादून में भूमि सौदों में धोखाधड़ी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। ताज़ा मामला नेहरूग्राम निवासी रोशन सिंह नेगी का है, जिन्होंने सिंघनीवाला इलाके में जमीन खरीदने का सौदा किया था।
प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर कोतवाली चंद्रभान अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
कैसे हुआ सौदा और धोखा
शिकायतकर्ता रोशन सिंह नेगी ने बताया कि 3 अप्रैल 2023 को उन्होंने डॉ. वंदना शिवा, निवासी नई दिल्ली, के साथ 18 बीघा भूमि खरीदने का सौदा किया था। इसमें से 8.5 बीघा जमीन की रजिस्ट्री 28 मार्च 2024 को विकासनगर तहसील में पूरी कर ली गई थी, जिसके लिए पूरी रकम अदा की गई।
शेष 9.5 बीघा भूमि के लिए रोशन नेगी ने 80 लाख रुपये एडवांस के रूप में दो डिमांड ड्राफ्टों के जरिए जमा कराए थे। यह रकम डॉ. वंदना शिवा के कार्यालय “नवधानी, रामगढ़ सिंघनीवाला” में दी गई थी।
दोनों पक्षों के बीच तय हुआ था कि रजिस्ट्री की समयसीमा 31 जुलाई 2024 तक रहेगी।
वादा और टालमटोल
समयसीमा बीतने के बाद जब रोशन नेगी ने वंदना शिवा के बेटे कार्तिक शिवा से संपर्क किया तो उन्होंने मां की तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए रजिस्ट्री को आगे बढ़ाने की बात कही। कार्तिक ने भरोसा दिया कि 31 मार्च 2025 से पहले रजिस्ट्री करा दी जाएगी।
धोखाधड़ी का खुलासा
शिकायत के अनुसार, 31 दिसंबर 2024 को वंदना शिवा और कार्तिक ने विवादित 9.5 बीघा भूमि का अनुबंध देवेंद्र रावत के नाम पर कर दिया। न तो रजिस्ट्री की गई और न ही 80 लाख रुपये लौटाए गए।
आरोप है कि यह पूरा सौदा जानबूझकर धोखे से किया गया, जिससे शिकायतकर्ता को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
पुलिस कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद 6 नवंबर 2025 को पटेलनगर कोतवाली में धोखाधड़ी और विश्वासघात के आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने डॉ. वंदना शिवा, उनके बेटे कार्तिक शिवा और देवेंद्र रावत के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान अधिकारी ने बताया कि साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही सभी आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।
स्थानीय दृष्टिकोण
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सिंघनीवाला और आसपास के इलाकों में भूमि विवाद और फर्जी सौदों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
राजेश रावत, स्थानीय निवासी ने कहा, “कई लोग कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना अग्रिम भुगतान कर देते हैं। प्रशासन को ऐसे मामलों पर सख्ती दिखानी चाहिए।”
आगे की दिशा
पुलिस अब रजिस्ट्री के दस्तावेज़ों, डिमांड ड्राफ्ट की डिटेल और भूमि स्वामित्व से संबंधित अभिलेखों की जांच कर रही है। साथ ही इस बात की भी पुष्टि की जा रही है कि अनुबंध के समय कौन-कौन मौजूद था और किन शर्तों पर डील हुई थी।







