
देहरादून: कोतवाली पटेल नगर पुलिस ने नकबजनी की एक बड़ी वारदात का खुलासा करते हुए दिल्ली के अंतरराज्यीय नकबजन गिरोह के तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी बेहद शातिर तरीके से रेकी कर बंद घरों को निशाना बनाते थे और चोरी की घटनाओं को अंजाम देते समय पुलिस से बचने के लिए स्थानीय वाहनों की नंबर प्लेट अपने वाहनों पर लगाते थे। आरोपियों ने देहरादून के साथ-साथ ऋषिकेश क्षेत्र में भी नकबजनी की कोशिश की थी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बीती 8 दिसंबर को पटेल नगर क्षेत्र के बंजारावाला निवासी उदित गुप्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात चोरों ने उनके घर का ताला तोड़कर नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और कार चोरी कर ली है। इस शिकायत के आधार पर कोतवाली पटेल नगर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
आधिकारिक जानकारी
घटना के खुलासे के लिए पटेल नगर पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कीं। घटनास्थल और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद पुलिस ने चेकिंग के दौरान तेलपुर चौक से आगे टी स्टेट क्षेत्र से तीन आरोपियों मंगलू, मनोज और अजय को गिरफ्तार किया।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी बेहद शातिर किस्म के अपराधी हैं और इनके खिलाफ दिल्ली समेत अन्य स्थानों पर चोरी और लूट के कई मामले दर्ज हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में क्षेत्र में चोरी की घटनाओं से दहशत बनी हुई थी। आरोपियों की गिरफ्तारी से लोगों ने राहत की सांस ली है और पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है।
आंकड़े / तथ्य
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई कार बरामद की। एक लाख पांच हजार रुपये नकद और करीब डेढ़ लाख रुपये की ज्वैलरी बरामद हुई। एक देशी तमंचा, दो जिंदा कारतूस, एक अवैध चाकू और एक खुखरी भी बरामद की गई।
वारदात को कैसे देते थे अंजाम
पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी 6 दिसंबर की रात वैगनआर कार से दिल्ली से देहरादून आए थे। उन्होंने पहले रेकी कर बंद घरों की पहचान की और फिर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी दिल्ली लौट गए और पहचान से बचने के लिए चोरी की वैगनआर कार को कटवा दिया। इसके बाद पटेल नगर से चोरी की गई कार पर दिल्ली की नंबर प्लेट लगाकर 13 दिसंबर को ऋषिकेश में नकबजनी की कोशिश की गई, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए।
आगे क्या होगा
पुलिस के अनुसार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह ने उत्तराखंड या अन्य राज्यों में और किन-किन वारदातों को अंजाम दिया है।







