
देहरादून: भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में शनिवार को पासिंग आउट परेड का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 525 ऑफिसर कैडेट सेना में शामिल होंगे। थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी परेड के रिव्यूइंग अफसर होंगे और कैडेट्स की सलामी लेंगे। खास बात यह है कि वे दिसंबर 1984 में इसी अकादमी से पास आउट हुए थे और 41 साल बाद दोबारा उसी ऐतिहासिक मैदान पर लौट रहे हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
भारतीय सैन्य अकादमी देश की सबसे प्रतिष्ठित सैन्य प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है। 1932 में स्थापित इस अकादमी ने अपने पहले बैच में 40 कैडेट तैयार किए थे। तब से लेकर अब तक अकादमी ने अपनी प्रशिक्षण क्षमता को कई गुना बढ़ाया है और देश-विदेश की सेनाओं को हजारों सैन्य अधिकारी प्रदान किए हैं। वर्तमान वर्ष में यह गौरव बढ़कर साढ़े 66 हजार से अधिक सैन्य अधिकारियों तक पहुंच गया है, जिनमें मित्र देशों को मिले लगभग तीन हजार अधिकारी भी शामिल हैं।
जुलाई 2024 से यहां महिला कैडेटों का प्रशिक्षण शुरू होना भी अकादमी की उपलब्धियों में एक महत्वपूर्ण अध्याय है।
आधिकारिक जानकारी
शनिवार सुबह ड्रिल स्क्वायर में चेटवुड भवन के सामने परेड शुरू होगी। इसके बाद पीपिंग और ओथ सेरेमनी का आयोजन होगा, जिसके साथ 525 कैडेट आधिकारिक रूप से सेना में शामिल हो जाएंगे। इनमें 491 कैडेट भारतीय सेना का हिस्सा बनेंगे, जबकि 14 मित्र देशों की सेनाओं के लिए 34 अफसर तैयार होंगे।
थल सेनाध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी का इस परेड में रिव्यूइंग अफसर बनना इसलिए भी विशेष है क्योंकि वे इसी अकादमी से प्रशिक्षण लेकर निकले थे और अब बतौर सेना प्रमुख उसी मैदान पर कैडेट्स का निरीक्षण करेंगे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
IMA पासिंग आउट परेड का आयोजन स्थानीय लोगों और परिवारों के लिए हमेशा से गर्व का अवसर रहा है। दून क्षेत्र में इसे लेकर उत्साह देखा जा रहा है। कई अभिभावकों ने कहा कि यह दिन उनके परिवारों के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि युवा कैडेट एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के साथ राष्ट्रसेवा की शुरुआत करते हैं।
सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था
IMA परेड को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अकादमी परिसर और आसपास सेना के जवान तैनात रहेंगे, जबकि बाहरी इलाके की सुरक्षा दून पुलिस संभालेगी।
यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। शनिवार सुबह छह बजे से दोपहर 12:30 बजे तक पंडितवाड़ी से प्रेमनगर तक का क्षेत्र जीरो जोन रहेगा और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। पुलिस का कहना है कि आम जनता की सुविधा के लिए ट्रैफिक को चरणबद्ध तरीके से नियंत्रित किया जाएगा।
आगे क्या?
परेड के बाद कैडेट अपने-अपने रेजिमेंट्स में रिपोर्ट करेंगे। विदेशी कैडेट अपने देशों की सेनाओं में लौट जाएंगे। IMA प्रशासन ने बताया कि इस वर्ष भी परेड को देखने के लिए बड़ी संख्या में परिवार और पूर्व अधिकारी पहुंच रहे हैं, जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।







