
देहरादून: राजधानी देहरादून में हरिद्वार रोड स्थित स्मार्ट सिटी लिमिटेड परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन ग्रीन बिल्डिंग का आज जिलाधिकारी सविन बंसल ने निरीक्षण किया। साइट पर धीमी गति से हो रहे कार्यों पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा जून 2026 तक हर हाल में निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को अनिवार्य किया गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ग्रीन बिल्डिंग देहरादून की स्मार्ट सिटी परियोजना का महत्वाकांक्षी विकास कार्य है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण-अनुकूल तकनीक, ऊर्जा-संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन तैयार करना है। पिछले कुछ महीनों से निर्माण की गति अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही थी, जिसके चलते परियोजना समयसीमा पर दबाव बढ़ गया है।
औपचारिक जानकारी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल पर मौजूद सामग्री, उपकरण, श्रमिक संख्या और समग्र प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बताया कि यह परियोजना मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है, इसलिए किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों से पूछताछ में ज्ञात हुआ कि निर्माण स्थल पर केवल 140 श्रमिक तैनात हैं, जबकि लेबर चार्ट के अनुसार 300 श्रमिक मौजूद होने चाहिए थे। इस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए श्रमिकों की संख्या तुरंत बढ़ाने और तीन शिफ्टों में कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता, पर्यावरण-अनुकूल तकनीक और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने मैनपावर, मैट्रियल और थर्ड-पार्टी गुणवत्ता से संबंधित साप्ताहिक रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मैट्रियल टेस्टिंग की जानकारी लेने पर मुख्य अभियंता सीपीडब्ल्यूडी ने बताया कि लगभग 90 प्रतिशत टेस्टिंग साइट पर मौजूद लैब से की जाती है, जबकि 10 प्रतिशत टेस्टिंग बाहरी लैब से कराई जाती है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रीन बिल्डिंग के निर्माण से क्षेत्र का विकास तेज होगा और आसपास के इलाकों में प्रशासनिक गतिविधियों के साथ व्यापारिक अवसर भी बढ़ेंगे। व्यापारियों ने बताया कि परियोजना समय पर पूरी हुई तो इस क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय व्यवसायों को भी लाभ होगा।
आगे क्या?
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा नहीं हुआ तो विभागीय कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले छह महीनों में कार्य की रफ्तार बढ़ाना अनिवार्य है और हर सप्ताह प्रगति की समीक्षा सुनिश्चित की जाएगी। स्मार्ट सिटी लिमिटेड और सीपीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया गया है कि वे तेज गति से कार्य करते हुए जून 2026 तक प्रोजेक्ट को पूरी तरह तैयार करें।






