
देहरादून | पर्वतीय कृषक कृषि बागवानी और उद्यमी संगठन के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को राजधानी देहरादून में प्रदर्शन किया। अपनी मांगों को लेकर वे कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के शासकीय आवास का घेराव करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने बीच रास्ते में ही उन्हें रोक लिया।
हालांकि, प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की जिद पर अड़े रहे, जिसके चलते पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया। बाद में, कुछ घंटों के भीतर उन्हें रिहा कर दिया गया।
भ्रष्टाचार पर रोक और डीबीटी लागू करने की मांग
संगठन के उपाध्यक्ष देवेंद्र बिष्ट ने बताया कि किसानों ने कृषि विभागों में फैले भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली लागू करने की मांग को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया है। किसानों ने राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और “किसान विरोधी सरकार मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए।
“किसानों के साथ वादा खिलाफी कर रही है सरकार”
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड सरकार पिछले पांच सालों से किसानों से किए वादे पूरे नहीं कर रही।
देवेंद्र बिष्ट ने कहा —
“सरकार ने 35 करोड़ रुपये की अनुदान राशि रोक रखी है। हम 5 से 7 बार लिखित में ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।”
उन्होंने यह भी बताया कि किसानों ने अपनी हिस्सेदारी के तौर पर करीब 6 करोड़ रुपये अंशदान जमा कराया था। कई किसानों ने इसके लिए घर और जेवर गिरवी रखकर कर्ज लिया, लेकिन सरकार की ओर से कोई सहयोग नहीं मिला।
बागवान बोले — “सरकार हमारे बगीचों तक नहीं पहुंची”
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि किसानों ने बंजर जमीन पर फलदार पेड़ लगाकर खेतों को हरा-भरा बनाया, लेकिन सरकार ने न तो कृषि वैज्ञानिक भेजे, न ही अधिकारियों ने कभी निरीक्षण किया।
उनका आरोप है कि सरकार ने किसानों का अंशदान अपने खातों में रखकर ब्याज तो खा लिया, लेकिन बागवानों की सुध नहीं ली।
“किसान देश की रक्षा भी करता है, अन्न भी उपजाता है”
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा —
“उत्तराखंड का किसान देश की रक्षा के लिए बेटा भी पैदा करता है और खेतों में अन्न भी उगाता है। लेकिन आज वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा है और सरकार उसे सब्सिडी की राशि तक नहीं दे रही।”
उन्होंने कहा कि इसी अन्याय के खिलाफ ‘बागवान न्याय यात्रा’ निकाली गई है, जिसमें 500 से अधिक किसान देहरादून पहुंचे।
पुलिस की कड़ी सुरक्षा, आवास के पास रोक
कृषि मंत्री गणेश जोशी के शासकीय आवास के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया था।
प्रदर्शनकारियों को घेराव स्थल से पहले ही रोक दिया गया, जिससे कुछ देर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
किसानों की प्रमुख मांगें
- कृषि विभाग में भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए।
- डीबीटी प्रणाली लागू कर किसानों को सीधे लाभ मिले।
- 35 करोड़ की रुकी अनुदान राशि तत्काल जारी की जाए।
- कृषि वैज्ञानिकों को फील्ड में भेजा जाए ताकि बागवानों को सही मार्गदर्शन मिल सके।





