
देहरादून: बसंत पंचमी आते ही देहरादून में चीनी मांझा के सौदागर एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। पलटन बाजार स्थित धामावाला इलाके में मांझा और पतंग के थोक विक्रेता प्रतिबंध के बावजूद चीनी मांझा खुलेआम बेचते पाए गए। स्टिंग के दौरान सामने आया कि खरीदारों से पूरी जानकारी छिपाकर मांझा बेचा जा रहा है, जबकि चीनी मांझा की बिक्री, खरीद और उपयोग पर पांच वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
चीनी मांझा नायलॉन और प्लास्टिक आधारित होता है, जो बेहद धारदार होता है। इसके कारण हर वर्ष लोगों और पक्षियों के घायल होने की घटनाएं सामने आती हैं। इसी वजह से उत्तराखंड समेत देश के कई राज्यों में इसकी बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है।
स्टिंग ऑपरेशन में क्या सामने आया
बृहस्पतिवार दोपहर करीब 3 बजे रिपोर्टर पलटन बाजार के धामावाला क्षेत्र में थोक विक्रेता की दुकान पर पहुंचा। बातचीत के दौरान दुकानदार ने पहले चीनी मांझा बेचने से इनकार किया, लेकिन इशारे में रुकने को कहा। कुछ देर बाद बताया गया कि मांझा दुकान पर नहीं, बल्कि दूसरे ठिकाने पर रखा गया है।
करीब 15 मिनट बाद स्कूटी से एक व्यक्ति बोरी में चीनी मांझा के डिब्बे लेकर पहुंचा। चुपचाप लेनदेन हुआ और एक डिब्बा 700 रुपये में बेचा गया। दुकानदार ने यह भी स्वीकार किया कि पकड़े जाने पर पांच साल की जेल और एक लाख रुपये जुर्माना हो सकता है, इसलिए इसे छिपकर बेचना पड़ता है।
कीमत और पैकिंग का खुलासा
थोक विक्रेता के अनुसार एक डिब्बे में चीनी मांझे की 28 चकरियां होती हैं। डिब्बे की कीमत 700 रुपये रखी गई, यानी एक चकरी लगभग 25 रुपये में। फुटकर बिक्री में इसकी कीमत 35 रुपये तक बताई गई।
घटनाएं जो खतरे की पुष्टि करती हैं
हाल ही में दून अस्पताल में मांझे से कटकर घायल दो लोग पहुंचे हैं। 11 जनवरी को हरिद्वार में दो बाइक सवार युवक चीनी मांझे से घायल हुए थे। रुड़की में एक चील पक्षी के कटने की घटना भी सामने आई है। इन घटनाओं ने चीनी मांझे की घातक प्रकृति को फिर उजागर किया है।
देसी और चीनी मांझे में अंतर
देसी मांझा सूती धागे पर चावल और गोंद के लेप से बनाया जाता है, जिसमें सीमित मात्रा में कांच मिलाया जाता है। वहीं चीनी मांझा नायलॉन और प्लास्टिक धागे से बनता है, जिस पर रसायन और महीन कांच की परत होती है। यह अधिक मजबूत और धारदार होने के कारण इंसानों और पक्षियों दोनों के लिए जानलेवा साबित होता है।
आधिकारिक बयान
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि चीनी मांझा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है। यदि कोई दुकानदार इसकी अवैध बिक्री करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए टीमों को बाजारों में चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं।
आगे क्या होगा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिकायत या साक्ष्य मिलने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और प्रशासन की टीमें त्योहारों के दौरान बाजारों में सघन जांच करेंगी, ताकि चीनी मांझा की बिक्री पर रोक लगाई जा सके।






