
देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASCI) और विभागों में जारी सुधारों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित समयसीमा में लागू किए जा सकने वाले सभी सुधार अनिवार्य रूप से पूरे किए जाएं, अन्यथा संबंधित विभागाध्यक्षों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राज्य सरकार पूंजी निवेश को बढ़ावा देने और प्रशासनिक सुधारों की गति तेज करने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। विशेष सहायता योजना (SASCI) के माध्यम से केंद्र सरकार राज्यों को अतिरिक्त वित्तीय समर्थन देती है, लेकिन इसके लिए विभागों द्वारा सुधारों को समय पर लागू करना जरूरी होता है। इसी संदर्भ में बुधवार को यह महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
आधिकारिक जानकारी
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि जिन सुधारों को विभागीय स्तर पर निर्धारित समयसीमा के भीतर लागू किया जा सकता है, उन्हें टालना स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि सुधारों में देरी करने वाले विभागाध्यक्षों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
उन्होंने विभागों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने मंत्रालयों से लगातार संपर्क बनाए रखें, ताकि भारत सरकार से मिलने वाली ग्रांट और वित्तीय सहायता का पूरा लाभ मिल सके। मुख्य सचिव ने वित्त और नियोजन विभाग के साथ समन्वय बढ़ाकर विशेष सहायता योजना का अधिकतम फायदा उठाने पर जोर दिया।
परिवहन विभाग को निर्देश दिया गया कि 15 वर्ष पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग और सड़क सुरक्षा से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन सुधारों को तेजी से लागू किया जाए। वहीं, राजस्व विभाग को भूमि सुधार से संबंधित बदलावों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए कहा गया।
मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि विभागों के लिए स्वीकृत राज्य अंशदान (State Share) अगले दो दिनों के भीतर जारी कर दिया जाएगा, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके।
स्थानीय प्रतिक्रिया
देहरादून के प्रशासनिक हलकों में मुख्य सचिव के कड़े रुख को सकारात्मक कदम माना जा रहा है। कई अधिकारियों का कहना है कि सुधारों की गति तेज होने से विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी और केंद्र से मिलने वाली सहायता का समय पर उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।
कुछ स्थानीय विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग और इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन से सड़क सुरक्षा में सुधार होगा, जबकि भूमि सुधार से शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी बन सकती है।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव दीपक कुमार, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, डॉ. वी. षणमुगम सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अगला कदम / आगे क्या
बैठक में तय सुधारों और योजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने के लिए विभागों को आगामी सप्ताह के भीतर प्रगति रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, स्क्रैपिंग पॉलिसी, इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन और भूमि सुधार से जुड़े कार्यों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।






