
देहरादून: राजधानी देहरादून से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां चाची और भतीजे ने मिलकर चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। दोनों ने किराएदार बनकर एक घर में रहकर पहले हालात की जानकारी जुटाई और फिर लाखों रुपये के गहनों पर हाथ साफ कर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के करीब एक माह बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी किए गए गहने भी बरामद कर लिए हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पुलिस के अनुसार आरोपी मूल रूप से रुद्रप्रयाग जिले के कांडई क्षेत्र के निवासी हैं। दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था, जिसके चलते वे घर से भाग गए थे। गांव की पंचायत द्वारा जुर्माना लगाए जाने के बाद दोनों ने साथ रहने की योजना बनाई, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने चोरी की साजिश रची।
आधिकारिक जानकारी
आरोपियों ने देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र के सुद्धोवाला इलाके में एक मकान में किराएदार बनकर प्रवेश किया। 15 दिसंबर 2025 को मकान मालकिन गीता देवी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि 12 दिसंबर को उनके घर से आभूषण चोरी हो गए हैं। जांच में सामने आया कि किराएदारों का कोई पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और दोनों आरोपियों को धूलकोट तिहारे क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना ने किराएदारों के सत्यापन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। लोगों ने पुलिस से इलाके में नियमित सत्यापन अभियान चलाने की मांग की है, ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
आंकड़े / जानकारी
पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 8 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के गहने बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने वारदात से पहले करीब पांच दिन तक घर की गतिविधियों की रेकी की थी।
आगे क्या होगा
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है और मामले की विस्तृत विवेचना जारी है। साथ ही मकान मालिकों से अपील की गई है कि वे किराएदार रखने से पहले अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराएं।






