
देहरादून: देहरादून के कैंट इलाके में एक पूर्व सैन्यकर्मी ने शराब के नशे में अपनी पत्नी की गैर इरादतन हत्या कर दी। आरोपी ने पत्नी को पहले शराब की बोतल मारी, फिर गिलास और उसके बाद पास पड़े सिलबट्टे से वार किए, जिससे पत्नी का सिर दीवार से टकराकर गंभीर चोटिल हो गया। बेहोश पत्नी को अस्पताल ले जाने के बजाय आरोपी ने पहले खून साफ किया और बाथरूम में गिरने की झूठी कहानी गढ़ी। पुलिस ने बुधवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है, लेकिन साक्ष्य मिटाने के प्रयासों के बाद हत्या की धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। यह घटना न केवल पारिवारिक हिंसा का उदाहरण है, बल्कि शराब के दुष्प्रभावों को भी उजागर करती है।
घटना का खौफनाक विवरण: शराब के नशे में भड़का झगड़ा
घटना 12 अक्टूबर की शाम की है। आरोपी प्रेम बहादुर (57 वर्ष), जो नेपाल के पोखरा निवासी हैं, अपनी पत्नी कोपिला थापा के साथ गढ़ी इलाके में किराए के कमरे में रह रहे थे। कोपिला मानसिक और अन्य बीमारियों से ग्रस्त थीं, और इलाज के लिए पांच सितंबर को नेपाल से देहरादून लाई गई थीं। प्रेम बहादुर 2007 में सेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं और मिलिट्री अस्पताल में सीजीएचएस कार्ड के जरिए मुफ्त इलाज की सुविधा ले रहे थे।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि शाम को दोनों ने शराब पी और छोटी-मोटी बात पर झगड़ा हो गया। गुस्से में प्रेम ने कोपिला पर शराब की बोतल फेंकी, फिर कांच का गिलास और पास पड़े सिलबट्टे से कई वार किए। इन हमलों से कोपिला का सिर दीवार से टकरा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। खून बहने लगने पर आरोपी घबरा गया और अस्पताल ले जाने के बजाय पहले कमरे का खून साफ करने में जुट गया। उसके बाद पड़ोसियों को कहा कि कोपिला बाथरूम में फिसलकर गिर गईं। पड़ोसियों की मदद से वह आर्मी अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने कोपिला को मृत घोषित कर दिया। उसके बाद परिजनों को सूचना दी।
साक्ष्य मिटाने की साजिश: जंगल में फेंका हथियार
पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए। प्रेम ने बताया कि घटना के अगले दिन उसने खून लगी शराब की खाली बोतल, टूटे गिलास और सिलबट्टे को एक काले प्लास्टिक बैग में भरकर डाकरा रोड पर जंगल में फेंक दिया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने ये सामान बरामद कर लिया। यह साक्ष्य मिटाने का स्पष्ट प्रयास था।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया, “प्रारंभिक जांच में गैर इरादतन हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। लेकिन साक्ष्य मिटाने और घटना को छिपाने के प्रयासों के बाद हत्या की धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। आरोपी ने पूरी घटना को बाथरूम में फिसलने का हादसा बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। हम फॉरेंसिक जांच और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।” एसएसपी ने कहा कि आरोपी का सेना से सेवानिवृत्त होना और पत्नी का इलाज के लिए लाना भी जांच का हिस्सा है।
घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने कमरे की दीवारों पर लगे खून के निशान भी पाए, जो आरोपी ने पानी से साफ करने की कोशिश की थी। पड़ोसियों ने बताया कि दंपति अक्सर झगड़ते थे, लेकिन इतनी हिंसा की कल्पना नहीं की थी। एक पड़ोसी ने कहा, “प्रेम बहादुर शराब पीने के बाद चिड़चिड़े हो जाते थे। लेकिन कोपिला को मारने का सोच भी नहीं सकते थे।”
नेपाल से इलाज के लिए लाई पत्नी, शराब ने बिगाड़ दिया सबकुछ
प्रेम बहादुर और कोपिला का वैवाहिक जीवन पहले से ही मुश्किलों भरा था। कोपिला की मानसिक और शारीरिक बीमारियों के कारण प्रेम ने उन्हें नेपाल से देहरादून लाया था, जहां मिलिट्री अस्पताल में मुफ्त इलाज की व्यवस्था थी। लेकिन शराब की लत ने सबकुछ बर्बाद कर दिया। पूर्व सैनिक होने के बावजूद, प्रेम का यह कृत्य सेना के मूल्यों पर सवाल खड़ा करता है। राज्य में पारिवारिक हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं, और शराब इसका प्रमुख कारण बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि सेवानिवृत्त सैनिकों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी भी ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देती है।
पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर आगे पूछताछ शुरू कर दी है। परिवार के अन्य सदस्यों से भी बयान लिए जा रहे हैं। नेपाल दूतावास को भी सूचित किया गया है। यह घटना देहरादून में पारिवारिक हिंसा और शराब के दुष्प्रभावों पर बहस छेड़ने का काम कर रही है। सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि पूर्व सैनिकों के लिए विशेष काउंसलिंग सेंटर स्थापित किए जाएं।







