
देहरादून: निवेशकों की करोड़ों रुपये की राशि हड़पकर फरार हुए बिल्डर शाश्वत गर्ग और उसकी पत्नी साक्षी गर्ग की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अब इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने भी हस्तक्षेप करते हुए दोनों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। ईडी की इस कार्रवाई के बाद दंपती के बैंक खातों, संपत्तियों और लेनदेन की गहन जांच शुरू होने जा रही है। आने वाले दिनों में बिल्डर की संपत्तियां अटैच किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है, जिससे यह मामला और गंभीर मोड़ ले सकता है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
शाश्वत गर्ग देहरादून में रियल एस्टेट व्यवसाय से जुड़ा था और उसने शहर में दो बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट शुरू किए थे। इन परियोजनाओं के जरिए बड़ी संख्या में निवेशकों से धन जुटाया गया। हालांकि, समय पर फ्लैट न मिलने और संपर्क टूटने के बाद निवेशकों को ठगी का अहसास हुआ, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
प्रोजेक्ट के नाम पर हुआ कथित घोटाला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजपुर क्षेत्र में हिलॉक्स हाउसिंग सोसाइटी और थानो रोड पर इंपीरियल वैली प्रोजेक्ट के नाम पर निवेशकों से भारी निवेश कराया गया। शुरुआत में निर्माण कार्य भी शुरू हुआ, लेकिन जैसे ही फ्लैट सौंपने की तिथि नजदीक आई, बिल्डर परिवार सहित गायब हो गया। इसके बाद निवेशकों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
फरारी की कड़ी
जांच में सामने आया कि 16 अक्टूबर 2023 को शाश्वत गर्ग अपनी ससुराल हापुड़ पहुंचा था। वहां से उसने शाम के समय देहरादून जाने की बात कही, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। जब परिजनों ने संपर्क किया तो कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसी दौरान यह भी सामने आया कि उसके फोन पर लेनदेन से जुड़े कई कॉल आ रहे थे और उसने अपनी गाड़ियां हरिद्वार की एक पार्किंग में छोड़ दी थीं।
आधिकारिक जानकारी
निवेशकों की शिकायत पर पहले राजपुर थाने में शाश्वत गर्ग, उसकी पत्नी, दोनों सालों और परिवार के कुछ अन्य सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। अब उसी प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर दी है। एजेंसी दंपती के बैंक खातों, धन प्रवाह, संपत्ति की खरीद-फरोख्त और पुराने वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच करेगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवेशकों का कहना है कि लंबे समय से वे अपने पैसे वापस मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका कहना है कि ईडी की कार्रवाई से अब न्याय मिलने की उम्मीद जगी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
आगे क्या होगा
सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में वित्तीय अनियमितताएं पुष्ट होती हैं, तो ईडी अन्य बड़े मामलों की तर्ज पर बिल्डर की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क कर सकती है। साथ ही, धन शोधन से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जाएगी।





