
देहरादून (जॉलीग्रांट): देहरादून एयरपोर्ट पर टैक्सी संचालन का अनुबंध एक निजी कंपनी को दिए जाने के निर्णय का एयरपोर्ट टैक्सी चालकों ने विरोध किया है। टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने एयरपोर्ट प्रशासन से मुलाकात कर प्रीपेड टैक्सी सेवा को बंद न करने की मांग की। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय टैक्सी चालकों के हितों की अनदेखी की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
डोईवाला कोतवाली निरीक्षक की ओर से एयरपोर्ट टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष संजय सिंधवाल और सचिव चंद्रकिशोर उनियाल को पत्र जारी कर सूचित किया गया कि हवाई यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट प्रशासन ने ऐप आधारित कैब एग्रीगेटरों के साथ समझौता किया है। इसके तहत कैब सेवाओं के संचालन का अनुबंध एक कंपनी को दिया गया है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि संभावित विरोध को देखते हुए धरना-प्रदर्शन से पहले प्रशासन की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
यूनियन की आपत्ति
टैक्सी यूनियन सचिव चंद्रकिशोर उनियाल ने कहा कि वर्तमान में करीब 500 स्थानीय टैक्सी चालक एयरपोर्ट से जुड़े संचालन पर निर्भर हैं और इसी से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। उनका कहना है कि किसी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए स्थानीय लोगों के रोजगार को समाप्त नहीं किया जा सकता।
यूनियन के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद भारती ने कहा कि एयरपोर्ट विस्तार के दौरान कई टैक्सी चालकों ने अपनी जमीनें दी थीं। ऐसे में स्थानीय लोगों के रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया गया है कि सेवाओं के संचालन को लेकर समझौता किया जा चुका है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
एयरपोर्ट सलाहकार समिति सदस्य ईश्वर सिंह रौथाण ने कहा कि स्थानीय लोगों को रोजगार प्राथमिकता से मिलना चाहिए। उनका मत है कि एयरपोर्ट के लिए भूमि देने वाले कई परिवारों के लोग भी आज टैक्सी संचालन से ही अपना जीवनयापन कर रहे हैं।
आगे क्या होगा
यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रशासन और यूनियन के बीच वार्ता की संभावना बनी हुई है।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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