
जौलीग्रांट / देहरादून: देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर टैक्सी संचालन का काम एक निजी कंपनी को दिए जाने के फैसले से स्थानीय टैक्सी चालकों में नाराजगी है। एयरपोर्ट टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की। मुख्यमंत्री ने सहयोग का आश्वासन दिया है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
टैक्सी यूनियन के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद भारती ने कहा कि जौलीग्रांट क्षेत्र के स्थानीय लोग वर्षों से टैक्सी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। एयरपोर्ट बनने के बाद भी स्थानीय चालक ही यात्रियों को सेवा देते रहे हैं।
हाल में एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा एक निजी कंपनी को टैक्सी संचालन का अनुबंध दिए जाने के बाद करीब 500 स्थानीय टैक्सी चालकों के परिवारों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
यूनियन की आपत्ति
यूनियन के सचिव चंद्रकिशोर उनियाल ने कहा कि स्थानीय लोगों का रोजगार छीनकर एक कंपनी को काम देना उचित नहीं है। समिति के संरक्षक गुलाब सिंह कैंतुरा और सलाहकार समिति सदस्य एवं सभासद ईश्वर रौथाण ने भी इस निर्णय पर चिंता जताई।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद एयरपोर्ट प्रशासन से भी वार्ता की। प्रतिनिधिमंडल में सुंदर सिंह पंवार और विजय सिंह सिंधवाल सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
टैक्सी यूनियन के अनुसार मुख्यमंत्री से मुलाकात सकारात्मक रही और उन्होंने मामले में सहयोग का आश्वासन दिया है। आगे की प्रक्रिया को लेकर वार्ता जारी रहने की बात कही गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय चालकों का कहना है कि एयरपोर्ट विस्तार के दौरान कई लोगों ने अपनी जमीनें भी दी थीं और अब रोजगार छिनने से परिवारों पर असर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से स्थानीय हितों की रक्षा करने की मांग की है।
आगे क्या होगा
यूनियन ने संकेत दिया है कि यदि समाधान नहीं निकला तो आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल प्रशासन और यूनियन के बीच संवाद की प्रक्रिया जारी है।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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