
देहरादून — सर्दियों के मौसम में कोहरे के कारण उड़ानों पर पड़ने वाले प्रभाव से निपटने के लिए देहरादून एयरपोर्ट पर मॉक ड्रिल (ड्राई रन) का आयोजन किया गया। कोहरे की स्थिति में दृश्यता कम होने से कई बार उड़ानों को डायवर्ट या रद्द करना पड़ता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट प्रबंधन और सभी संबंधित एजेंसियों ने अपनी तैयारियों की समीक्षा की, ताकि कम दृश्यता के दौरान भी हवाई परिचालन सुचारु रहे और यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हर वर्ष सर्दियों के दौरान देहरादून एयरपोर्ट पर कोहरे की समस्या सामने आती है। कम दृश्यता के कारण उड़ानों में देरी, डायवर्जन और रद्द होने की स्थिति बन जाती है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है। इसे देखते हुए एयरपोर्ट प्रशासन समय से पहले तैयारियों को परख रहा है।
आधिकारिक जानकारी
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, मॉक ड्रिल में एयरपोर्ट प्रचालन, एटीसी, मौसम विभाग, इंजीनियरिंग, कमर्शियल कंसेसियनार, एयरलाइंस, राज्य पुलिस और सीआईएसएफ ने भाग लिया। इस अभ्यास का उद्देश्य कम दृश्यता की स्थिति में समन्वय, आकस्मिक व्यवस्थाओं और यात्रियों की सुविधा से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा करना रहा।
एयरपोर्ट के कार्यकारी निदेशक दीपक चमोली ने बताया कि उड़ानों में देरी की स्थिति में यात्रियों को उनके मोबाइल फोन पर स्वचालित सूचना संदेश भेजे जाएंगे। एयरलाइंस द्वारा पर्याप्त सूखे खाद्य पदार्थों की व्यवस्था की गई है। टैक्सी ऑपरेटरों और निकटवर्ती होटलों के साथ भी समन्वय बनाकर काम किया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
यात्रियों का कहना है कि यदि उड़ान में देरी या रद्द होने की जानकारी समय पर मिल जाए तो असुविधा काफी कम हो जाती है।
स्थानीय टैक्सी ऑपरेटरों ने भी एयरपोर्ट प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय की पहल का स्वागत किया है।
आंकड़े / तथ्य
देहरादून एयरपोर्ट पर कोहरे की संभावना प्रायः दोपहर 12 बजे तक या शाम ढलने के बाद अधिक रहती है।
ड्राई रन में एयरपोर्ट, एटीसी, मौसम विभाग, एयरलाइंस और सुरक्षा एजेंसियों ने भाग लिया।
आगे क्या?
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, भविष्य में कोहरे की स्थिति को और बेहतर तरीके से संभालने के लिए तकनीकी संसाधनों को मजबूत किया जाएगा। तैयारियों की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि सर्दियों में उड़ानों पर कम से कम असर पड़े।







